- ‘तुम मांगो मदद, हम देंगे नशा मुक्ति!’: तेलंगाना पुलिस की 2 साल पुरानी आस पर राजस्थान पुलिस की 3 दिन में खरी उतरी कार्रवाई
- भीनमाल की बसों से साउथ इंडिया तक स्मैक का नेटवर्क फैलाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार; खेत और घर से उठाए गए अफीम-हेरोइन के सौदागर
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क जयपुर/जालोर/पाली। राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और तेलंगाना पुलिस ने नशीले पदार्थों के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। तेलंगाना पुलिस के एनडीपीएस (NDPS) मामलों में पिछले 2 सालों से फरार चल रहे राजस्थान के तीन शातिर तस्करों को ANTF ने जालोर और पाली जिलों से धर दबोचा।
दोनों राज्यों के बीच करीब 1400 किलोमीटर की दूरी के बावजूद पुलिस एजेन्सियों के समन्वय से नशा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
1400 किमी दूर से फोन पर मांगी मदद, 3 दिन में पूरा किया वादा ANTF के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) विकास कुमार ने बताया कि तेलंगाना पुलिस और तेलंगाना ANTF चीफ ने राजस्थान ANTF से संपर्क कर फरार अपराधियों को पकड़वाने का अनुरोध किया था। तेलंगाना पुलिस के अनुसार, ये अपराधी राजस्थान के रहने वाले थे और तेलंगाना में नशीले पदार्थों की तस्करी कर फरार चल रहे थे। इस पर IGP विकास कुमार ने अपनी टीमों को 5 दिन का समय दिया था, लेकिन मुस्तैद टीमों ने महज 3 दिन के भीतर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इसके बाद तेलंगाना पुलिस जयपुर पहुंचकर तीनों आरोपियों को अपनी हिरासत में ले गई।
कार्रवाई का पूरा विवरण व गिरफ्तार तस्करों के नाम:
- 1. जयकिशन (28 वर्ष): स्मैक की लत ने बनाया अंतरराज्यीय सप्लायर
- पिता का नाम: भारीराम, जाति: भील
- निवासी: पूनासा, पुलिस थाना भीनमाल, जिला जालोर
- पूरी कहानी: 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ मजदूरी के दौरान स्मैक की लत पड़ी। खर्च निकालने के लिए पूनासा से स्मैक खरीदकर बेचना शुरू किया। इसके बाद उसने भीनमाल से चलने वाली लंबी दूरी की बसों के जरिए मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद (तेलंगाना) तक स्मैक की अंतरराज्यीय सप्लाई का नेटवर्क खड़ा कर लिया। ANTF ने उसे जालोर स्थित उसके घर से दबोचा।
- 2. दिनेश (35 वर्ष): तेलंगाना में अफीम सप्लाई का मुख्य सूत्रधार
- पिता का नाम: मसराराम, जाति: पुरोहित
- निवासी: देवडा, पुलिस थाना झाब, जिला जालोर
- पूरी कहानी: वर्ष 2025 में तेलंगाना में पकड़ी गई भारी मात्रा में अवैध अफीम की जब्ती मामले में दिनेश का नाम मुख्य सप्लायर के तौर पर सामने आया था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था। ANTF की टीम ने घेराबंदी कर उसे उसके गांव के पास खेत से गिरफ्तार किया।
- 3. सुरेश (28 वर्ष): हेरोइन की मार्केटिंग के लिए जाता था हैदराबाद
- पिता का नाम: बोगराम, जाति: मीणा
- निवासी: मेलाप, पुलिस थाना सिरियारी, जिला पाली
- पूरी कहानी: अगस्त 2024 में तेलंगाना में दर्ज हेरोइन तस्करी के मामले में सुरेश 2 साल से फरार था। उसे राजस्थान से हैदराबाद हेरोइन की मार्केटिंग और सप्लाई नेटवर्क संभालने के लिए बुलाया जाता था। ANTF टीम ने उसे उसके घर के पास से गिरफ्तार किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम होगी सम्मानित IGP विकास कुमार ने बताया कि इस सफलता में शामिल ANTF टीमों को मुख्यालय पर विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की—"तुम मुझे सूचना दो, मैं तुम्हें नशे से आजादी दूंगा"। किसी भी नशीले पदार्थ की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 0141-2502877 और व्हाट्सएप नंबर 9261225056 जारी किए गए हैं, जिस पर सूचनादाता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।









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