जालोर/भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 मार्च 2025 को तराना स्थित तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित एक समारोह में भाग लिया। यह समारोह श्री दशनाम जूना अखाड़ा के मोहन भारती महाराज के महंत बनने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर जालोर जिले से भी दशनामी संप्रदाय संघ को आमंत्रित किया गया था। काफी संत महात्माओं ने भाग लिया।

उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है जो प्रकृति को समाहित करता है। उन्होंने यह भी किया कि सनातन को समझने के लिए साधु-संतों के जीवन और अनुभवों को जानना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर को धार्मिक स्थल के रूप में भव्यता प्रदान की जाएगी और इसे विकसित करने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है। इसके अलावा, उन्होंने उज्जैन को धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की बात कही, खासकर 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियों के संदर्भ में।
कार्यक्रम में साधु-संतों का सम्मान किया गया और मुख्यमंत्री ने उनकी चरण वंदना कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी श्री हरि गिरि महाराज, नवनिर्वाचित महंत श्री मोहन भारती महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, स्थानीय विधायक और कई जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह में नृत्य-नाटिका प्रस्तुति और अन्य धार्मिक आयोजन भी हुए।
इस मौके पर जालोर जिले सहित मारवाड क्षेत्र से बड़ी संख्या में साधु संतों, राजनेताओं व अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जालौर जिले से गजीपुरा महंत प्रेमभारती महाराज, पुनासा महंत बाबूगिरी महाराज व निंबावास महंत अमृतनाथ महाराज सहित करीब आधा दर्जन मठाधीशों ने भाग लेकर तराना महंत के रूप में जूना अखाड़ा के नवनिर्वाचित सभापति श्री मोहन भारतीजी महाराज को मठाधीश नियुक्त कर चादरविधि पूर्ण की गई। इस दौरान जालौर जिले के मठाधीशों द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ अलग से मुलाकात में सनातन धर्म की मजबूती व गोरक्षा को लेकर लंबी मंत्रणा कर उन्हे जालोर आमंत्रित किया।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां