महीनों बीतने के बाद भी नहीं शुरू हुई ट्रेन की दैनिक सेवा, तमिलनाडु से राजस्थान तक यात्रियों में भारी आक्रोश
Circle News Network | नई दिल्ली/जालौर
रेलवे के दावों और हकीकत के बीच का अंतर एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा चेन्नई के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ट्रेन संख्या 20625/26 (चेन्नई-भगत की कोठी) को लेकर किया गया 45 दिन का वादा अब महज एक 'जुमला' बनकर रह गया है। वादा किए हुए महीनों का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
क्या है मामला?
रेल मंत्री ने चेन्नई में एक लाइव संबोधन के दौरान आश्वासन दिया था कि उक्त ट्रेन को जल्द ही नियमित (सातों दिन) रूप से संचालित किया जाएगा। इस घोषणा से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के हजारों यात्रियों में उम्मीद जगी थी कि उनके सफर की मुश्किलें कम होंगी। लेकिन '45 दिन' की मियाद कब की खत्म हो चुकी है और रेल मंत्रालय की चुप्पी यात्रियों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है।
यात्रियों का दर्द:
श्री आशापुरी माताजी रेल संघर्ष समिति, मोदरान (जालौर) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल आश्वासन मिलने से यात्रियों की परेशानियां हल नहीं होंगी। समिति ने रेल मंत्री से मांग की है कि इस ट्रेन को तत्काल प्रभाव से दैनिक आधार पर शुरू किया जाए, ताकि लाखों यात्रियों को राहत मिल सके।
महत्वपूर्ण तथ्य:
- ट्रेन नंबर: 20625/26
- मार्ग: चेन्नई से भगत की कोठी (जोधपुर)
- प्रभावित राज्य: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान
- स्थिति: मंत्री के वादे के महीनों बाद भी ट्रेन का नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका है
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