सायલા में मां कात्यायनी देवी पशु मेले का समापन; जिलाध्यक्ष ने पशुपालकों को सरकार की योजनाओं से जुड़ने का किया आह्वान
सायला/जालोर। जालोर विधानसभा क्षेत्र के सायला उपखंड में आयोजित “मां कात्यायनी देवी पशु मेला एवं भव्य पशु प्रदर्शनी” के समापन अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और मां कात्यायनी देवी पशु सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामय समारोह में जिलाध्यक्ष ने शिरकत कर पशुपालकों का उत्साहवर्धन किया।

जिलाध्यक्ष का संबोधन: 'पशुपालन हमारी सांस्कृतिक विरासत'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित ये पशु मेले केवल एक सरकारी आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और पशुपालन की प्राचीन परंपरा को सहेजने का एक जीवंत उत्सव है। उन्होंने जोर देकर कहा:
"पशुपालक भाई हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। राज्य सरकार उनकी खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है और हमारा प्रयास है कि हर पशुपालक को कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिले।"

योजनाओं पर चर्चा और पशुपालकों से संवाद
राजपुरोहित ने दूर-दराज से आए पशुपालकों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा संचालित पशु बीमा योजना, टीकाकरण अभियान और उन्नत नस्ल सुधार कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने आह्वान किया कि पशुपालक आधुनिक तकनीकों को अपनाएं ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके और राजस्थान दुग्ध उत्पादन व पशुपालन के क्षेत्र में देश का सिरमौर बना रहे।

उत्कृष्ट पशुपालकों का किया सम्मान
मेले के दौरान आयोजित प्रदर्शनी में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुओं के मालिकों को जसराज राजपुरोहित ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मेलों से पशुपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, जिससे उच्च नस्ल के पशुधन का विकास होता है।

पशु मेलों से होने वाले व्यापक लाभ
जिलाध्यक्ष ने अपने संबोधन में पशु मेलों के लाभ गिनाते हुए बताया कि:
- ये मेले पशुपालकों को एक बड़ा बाजार और सीधा मंच उपलब्ध कराते हैं।
- उन्नत नस्ल के संरक्षण और संवर्धन के लिए जागरूक करते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलते हैं।

विशिष्ट उपस्थिति
समारोह में निंबावास मठ के महंत अमृतनाथ जी महाराज, मेला संरक्षक सुरेश जी राजपुरोहित, वरिष्ठ नेता मंगलसिंह जी सिराणा, उपखंड अधिकारी सूरजभान जी विश्नोई, तहसीलदार लक्ष्मी जी चौधरी, पूर्व प्रधान हड़मतसिंह जी सोढ़ा सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और पशुपालक उपस्थित रहे।







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