थराद: कानून के हाथ लंबे होते हैं—यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है। गुजरात के थराद इलाके में अवैध शराब के एक बड़े मामले में पिछले 1 साल से खाकी को लगातार चकमा दे रहा कुख्यात फरार आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वाव-थराद लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने फिल्मी अंदाज में जाल बिछाकर राजस्थान के इस शातिर आरोपी को दबोच लिया है।
सांचोर के विरोल गांव से जुड़ा है नेटवर्क
पुलिस की गिरफ्त में आए इस आरोपी की पहचान राजस्थान के जालोर जिले (सांचोर तहसील) के विरोल गांव निवासी नारणाराम देवासी के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थराद पुलिस स्टेशन में गुजरात मद्यनिषेध (प्रोहिबिशन एक्ट) की सख्त धाराओं के तहत गंभीर मामला दर्ज था। केस दर्ज होते ही वह फरार हो गया था और ठिकाने बदल-बदल कर गिरफ्तारी से बच रहा था।
LCB का हाई-टेक ट्रैप और 'ऑपरेशन खाकी'
पुलिस इंस्पेक्टर ए.पी. चौधरी के सीधी निगरानी में LCB टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की।
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ह्यूमन इंटेलिजेंस: टीम ने अपने भरोसेमंद मुखबिरों को एक्टिव कर आरोपी की हर हलचल पर नजर रखी।
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टेक्निकल सर्विलांस: मोबाइल टावर लोकेशन और डिजिटल इनपुट्स के जरिए आरोपी के छिपने के सटीक ठिकाने को ट्रैक किया गया।
जैसे ही पुख्ता जानकारी मिली, LCB की टीम ने बिना कोई मौका दिए दबिश देकर नारणाराम को चारों तरफ से घेर लिया और धर दबोचा।
थराद पुलिस को सौंपा, अब खुलेंगे शराब नेटवर्क के कई राज
LCB ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को थराद पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान उससे कड़ाई से पूछताछ करेगी कि पिछले एक साल में उसे पनाह किसने दी और गुजरात में उसके शराब तस्करी सिंडिकेट के तार किन-किन बड़े बूटलेगरों से जुड़े हैं। इस गिरफ्तारी के बाद सीमावर्ती इलाकों के शराब माफियाओं में खलबली मच गई है।









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