वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन में दी आहुतियां, दूर-दराज से उमड़ा प्रजापति समाज का सैलाब, चारों ओर बिखरी धर्म की अनूठी छटा
जसवंतपुरा (जालौर)। ईश्वर सैन
कस्बे के निकटवर्ती गोलाना गांव की पावन धरा पर स्थित देवलाटी परगना मारू प्रजापति समाज की आराध्य देवी श्रीयादे माताजी के मंदिर में गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और अटूट आस्था का त्रिवेणी संगम देखने को मिला। अवसर था माताजी के चार दिवसीय वार्षिक मेले के भव्य शुभारंभ का। सुबह की पहली किरण के साथ ही पूरा मंदिर परिसर शंखध्वनि, ढोल-नगाड़ों और 'जय श्रीयादे माता' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। मेले के पहले ही दिन समूचे क्षेत्र में एक अनूठा भक्तिमय माहौल छा गया और श्रद्धा का समंदर उमड़ पड़ा।
वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ आकाश, यज्ञ में दी आहुतियां
मेले के प्रथम दिन की शुरुआत अलसुबह माताजी के गर्भगृह में विशेष श्रृंगार और महाआरती के साथ हुई। इसके पश्चात मंदिर प्रांगण में विशाल पंडाल के नीचे विद्वान पंडितों के सान्निध्य में मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों का आगाज हुआ। लाभार्थी और यजमान परिवारों द्वारा संपूर्ण विधि-विधान और शुद्ध अंतःकरण से हवन एवं पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पंडितों द्वारा उच्चारित वेदमंत्रों की गूंज और आहुतियों से उठने वाले पवित्र धुएं ने वातावरण को दिव्य बना दिया। यजमान परिवारों ने हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कर जगत जननी मां श्रीयादे से परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और समाज की उन्नति की मंगलकामना की।
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु, चौखट पर टेका मत्था
मेले को लेकर मारू प्रजापति समाज सहित अन्य भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही रंग-बिरंगी पारंपरिक पोशाकों में सजे-धजे समाजबंधुओं, महिलाओं और बच्चों का मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक अनवरत जारी रहा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माताजी के दर्शन किए और उनकी चौखट पर शीश नवाकर मन्नतें मांगी। मंदिर परिसर में जगह-जगह सजी दुकानों और भजनों पर झूमते श्रद्धालुओं ने मेले के रंग को और गाढ़ा कर दिया।
आज होंगे कई विशेष आयोजन, उत्साह चरम पर
मेला प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि चार दिवसीय मेले को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। मेले के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को विभिन्न विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भजन संध्या और महाप्रसाद मुख्य आकर्षण होंगे। दूसरे दिन आसपास के जिलों और सुदूर क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसे देखते हुए वालंटियर्स और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।







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