फर्जी दस्तखत के दम पर हथियाई थी सरकारी कुर्सी; दलाल और फर्जी परीक्षार्थी के गिरेबान तक पहुंची पुलिस की जांच
उदयपुर/सिरोही। राजस्थान में प्रतियोगिता परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले रैकेट के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में दूसरे की काबिलियत के दम पर पटवारी की कुर्सी हथियाने वाले एक निलंबित कर्मचारी को एसओजी ने दबोच लिया है। आरोपी ने खुद किताब छूने के बजाय ₹5 लाख की डील कर अपनी जगह एक 'डमी' अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र भेज दिया था। इस जालसाजी की बदौलत वह सिरोही जिले में पटवारी भी बन गया, लेकिन आखिरकार एसओजी के खुफिया तंत्र ने उसके इस फर्जी साम्राज्य को ढहा दिया।
गोपनीय इनपुट ने बिगाड़ा खेल, ऐसे खुली परत दर परत एडीजी (SOG) विशाल बंसल के मुताबिक, विभाग को इस संबंध में एक बेहद गोपनीय और पुख्ता शिकायत मिली थी। इसके बाद एसओजी थाने में प्राथमिक जांच शुरू की गई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पुष्टि हुई कि मूल अभ्यर्थी दिनेश कुमार (34) पुत्र तुलसीराम, निवासी भादरूणा (सांचौर, जालौर) ने 23 अक्टूबर 2021 को उदयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर खुद परीक्षा नहीं दी थी।
शातिर दिमाग दिनेश ने सिस्टम को चकमा देने के लिए अपने प्रवेश पत्र (Admit Card) पर डमी अभ्यर्थी की तस्वीर लगा दी और उपस्थिति पत्रक पर जाली हस्ताक्षर करवा दिए। बायोमेट्रिक और फिजिकल वेरिफिकेशन की तत्कालीन खामियों का फायदा उठाकर डमी परीक्षा देकर निकल गया और दिनेश का चयन भी हो गया। चयन के बाद बकायदा उसे सिरोही जिले की पिंडवाड़ा तहसील के मंगरीवाड़ा पटवार हल्के में पटवारी के पद पर नियुक्ति भी मिल गई।
₹5 लाख का सौदा और जालौर का वो 'दलाल नेटवर्क' एसओजी की तफ्तीश में सामने आया कि इस पूरे खेल के पीछे जालौर का एक संगठित दलाल नेटवर्क काम कर रहा था। दिनेश ने अपनी जगह परीक्षा दिलवाने के लिए एक दलाल के जरिए ₹5 लाख का सौदा तय किया था। यह रकम नकद चुकाई गई थी।
एसओजी ने इस मामले में कड़ियां जोड़ते हुए दलाल की पहचान चौथाराम विश्नोई (गिला) निवासी लियादरा (झाब, सांचौर) और दिनेश की जगह परीक्षा हॉल में बैठने वाले डमी अभ्यर्थी विक्रम विश्नोई निवासी मीरपुरा (करड़ा, जालौर) के रूप में की है। पुलिस अब इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा रही है।
सस्पेंशन के बाद अब सलाखों के पीछे जालसाजी की बू आते ही राजस्व विभाग ने आरोपी दिनेश कुमार विश्नोई को पहले ही निलंबित कर दिया था और वह उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय, पिंडवाड़ा में अटैच था। एसओजी की टीम ने लगातार पीछा करने के बाद आरोपी को धर दबोचा।
बढ़ेगी आरोपियों की फेहरिस्त, रडार पर कई और नियुक्तियां इस कार्रवाई के बाद एसओजी को आशंका है कि पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में इस गिरोह ने कई अन्य अभ्यर्थियों से भी मोटी रकम लेकर डमी कैंडिडेट बिठाए होंगे। सांचौर और जालौर बेल्ट के इस दलाल नेटवर्क के तार राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के कुछ पुराने कर्मचारियों या परीक्षा केंद्र के स्टाफ से जुड़े होने की भी संभावना है। फिलहाल गिरफ्तार पटवारी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, जिससे इस भर्ती स्कैम से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों बेनकाब हो सकते हैं।







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