थल के रास्ते शराब तस्करी का ‘धुरंधर’ निकला 11 साल तक अंडरग्राउंड, आखिर कब तक छिपता पुलिस की नजरों से!
थराद: कहते हैं कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधियों की चाल चाहे कितनी भी पुरानी क्यों न हो, एक न एक दिन वे सलाखों के पीछे जरूर आते हैं। कुछ ऐसा ही मामला वाव-थराद से सामने आया है, जहां पुलिस ने 11 साल से कानून को चकमा दे रहे एक भगोड़े को राजस्थान के बाड़मेर से दबोच लिया है।
ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी सर्विलांस का कमाल मावसरी पुलिस स्टेशन में दर्ज शराब तस्करी के मामले में नामजद आरोपी दलपतसिंह देरावारसिंह उर्फ दिलावरसिंह भाटी पिछले एक दशक से अधिक समय से पुलिस की पकड़ से दूर था। वाव-थराद LCB की टीम ने गुप्त सूचनाओं और तकनीकी सर्विलांस का जाल बिछाया, जिसके बाद उन्हें बाड़मेर के तानू मानसिंह (गड़रा रोड) में आरोपी के छिपे होने की ठोस जानकारी मिली।
आधा जीवन फरारी में, अब कटेगा हवालात में 50 वर्षीय आरोपी दलपतसिंह पर प्रोहिबिशन एक्ट की विभिन्न धाराओं (66-बी, 65-ए, ई, 116-2) के तहत मामला दर्ज था और वह सीआरपीसी की धारा 70 के तहत लंबे समय से वांछित था। 11 साल की लंबी फरारी काटने के बाद आखिरकार उसे पुलिस ने धर दबोचा।
फिलहाल, LCB की टीम ने आरोपी को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए मावसरी पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई ने क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है कि अपराध की दुनिया में भले ही कितनी भी पुरानी फाइल हो, कानून उसे बंद करके ही दम लेता है।



