सांचौर। पंचायतीराज चुनावों का बिगुल बजते ही सांचौर की सियासी तपिश चरम पर पहुंच गई है। गांवों की सत्ता पर काबिज होने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सांचौर मुख्यालय पर आयोजित विधानसभा स्तरीय चुनावी प्रबंधन की महाबैठक में पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरते हुए साफ कर दिया कि इस बार पंचायत समितियों पर सिर्फ और सिर्फ भाजपा का बोर्ड बनेगा।
दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की गूंज के साथ शुरू हुई इस बैठक में प्रदेश महामंत्री व जोधपुर संभाग प्रभारी भूपेंद्र सैनी, जिला चुनाव प्रभारी गणपतलाल बांठिया, जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित, विधायक जीवाराम चौधरी और पालिका अध्यक्ष पुरुषोत्तम दवे एक ही मंच पर नजर आए।
"कार्यकर्ताओं के पसीने से बनेगी गांवों की सरकार" — भूपेंद्र सैनी
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी ने सीधे कार्यकर्ताओं की नब्ज पर हाथ रखा। उन्होंने दो टूक कहा कि पंचायतीराज का रण केवल भाषणों से नहीं, बल्कि बूथ की मजबूती से जीता जाता है।
सैनी ने चुनावी मंत्र देते हुए कहा:
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गांव-गांव संपर्क अभियान: कार्यकर्ता हर ढाणी और चौपाल तक दस्तक दें।
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योजनाओं का प्रचार: केंद्र और राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता को समझाएं।
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हर वार्ड पर नजर: प्रत्येक वार्ड में जीत का अंतर बड़ा करने के लिए अभी से पसीना बहाना होगा।
जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित ने दावा किया कि पार्टी का हर कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी से मैदान में उतर चुका है और जिले की सभी पंचायत समितियों में भाजपा का परचम लहराना तय है। वहीं चुनाव प्रभारी गणपतलाल बांठिया ने बूथ प्रबंधन की बारीकियों को समझाते हुए घर-घर दस्तक देने की कार्ययोजना सामने रखी।

सियासी विवेचना: सांचौर में भाजपा की रणनीति के मायने
सांचौर में आयोजित इस प्रबंधन बैठक के सियासी मायने काफी गहरे हैं:
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1. गुटबाजी पर कड़ा संदेश और एकजुटता का प्रदर्शन: विधायक जीवाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित और संभाग प्रभारी का एक मंच पर बैठना यह संकेत देता है कि पार्टी टिकट वितरण या स्थानीय मतभेदों को पीछे छोड़कर एकजुट चेहरा पेश करना चाहती है।
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2. माइक्रो-मैनेजमेंट और प्रभारियों की तैनाती: बैठक में सांचौर (बाबूसिंह राजगुरु), सरवाणा (गेनाराम मेघवाल), चितलवाना (पुरुषोत्तम दवे) और भादूरणा (मुकेश कुमार खण्डेलवाल) जैसे प्रभारियों की मौजूदगी दर्शाती है कि भाजपा ने हर ब्लॉक और समिति के लिए अलग-अलग किलेबंदी कर रखी है।
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3. डबल इंजन की योजनाओं पर दांव: पार्टी का मुख्य फोकस स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को भुनाना है, ताकि ग्रामीण मतदाताओं को सीधे प्रभावित किया जा सके।
चुनावी प्रबंधन की इस बड़ी बैठक ने साफ कर दिया है कि भाजपा सांचौर में किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। अब देखना यह होगा कि बैठकों में बना यह चुनावी चक्रव्यूह मतदान के दिन कितना असर दिखाता है।









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