जालोर: जसवंतपुरा ग्राम पंचायत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वर्ष 2000 से पहले के सभी आबादी भूमि पट्टों को 'अवैधानिक' घोषित करने की चेतावनी दी है। ग्राम पंचायत ने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर सभी पट्टाधारकों को अगले 15 दिनों के भीतर अपने पट्टों की प्रतिलिपि पंचायत कार्यालय में जमा कराने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर उनके पट्टों को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाएगा और वे अवैध माने जाएंगे।
ग्राम पंचायत जसवंतपुरा द्वारा जारी आम सूचना (संख्या पं./2025-26/95) के अनुसार, राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 156, 157, 158 और नीलामी के तहत जारी किए गए पट्टों की सूची तैयार की जा रही है।

यह है मुख्य वजह:
पंचायत के पास वर्ष 2000 के बाद जारी किए गए पट्टों का रिकॉर्ड तो उपलब्ध है, लेकिन इससे पहले के पट्टों का रिकॉर्ड मिलान नहीं हो पा रहा है। इसी समस्या को दूर करने और रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए यह कदम उठाया गया है। सरपंच ने बताया कि वर्तमान में स्वामित्व योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जा रहे हैं, ऐसे में रिकॉर्ड का सही होना बेहद जरूरी है।
क्या करें पट्टाधारक?
जिन लोगों के पास वर्ष 2000 से पहले के आबादी भूमि के पट्टे हैं, उन्हें आज, 30 अगस्त 2025 से 15 दिनों के भीतर अपनी पट्टों की प्रतिलिपि ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा करवानी होगी। इसके बाद प्रस्तुत किए गए किसी भी दस्तावेज को अमान्य माना जाएगा। पंचायत रिकॉर्ड से मिलान के बाद ही पट्टों की नियमानुसार सूची तैयार की जाएगी।
इस फैसले से जसवंतपुरा के हजारों पट्टाधारकों में हड़कंप मच गया है, और वे अपने पुराने दस्तावेजों को जुटाने में जुट गए हैं।







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