बिल पास करने और नौकरी न छीनने की एवज में मांगी थी रिश्वत; कोटा और सवाईमाधोपुर स्थित आवासों पर ACB की मैराथन छापेमारी
सवाईमाधोपुर। "कुर्सी की ताकत जब भ्रष्टाचार का हथियार बन जाए, तो कानून का डंडा चलना लाजिमी है।" सवाईमाधोपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पंचायत समिति के ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) जगदीश प्रसाद मीणा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। मीणा के पास जिला परियोजना प्रबंधक (RGAVP) का अतिरिक्त कार्यभार भी था, जिसका फायदा उठाकर वे कर्मचारियों पर दबाव बना रहे थे।
साजिश का पर्दाफाश: 'तीन साथी और तीन लाख' की डिमांड यह पूरी कार्रवाई एक सजग शिकायतकर्ता की हिम्मत से मुमकिन हुई। आरोपी BDO जगदीश प्रसाद मीणा ने परिवादी और उसके दो अन्य साथियों को नौकरी से मुक्त न करने (सेवा विस्तार) और उनके लंबित यात्रा भत्ते (TA) व अन्य बिल पास करने के बदले में प्रति व्यक्ति एक लाख रुपए की मांग की थी। भ्रष्ट अधिकारी का दुस्साहस इतना था कि उसने परिवादी पर ही दबाव बनाया कि वह अपने बाकी दो साथियों के पैसे भी खुद ही इकट्ठा करके लाए।
ट्रैप की बिसात: एक लाख लेते ही धरे गए साहब एसीबी ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद मंगलवार, 24 फरवरी को एसीबी टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही कोटा निवासी जगदीश प्रसाद मीणा ने परिवादी से रिश्वत की पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपए लिए, टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद अधिकारी के हाथ-पांव फूल गए।
आवासों पर दबिश: कोटा से सवाईमाधोपुर तक खंगाले दस्तावेज गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी की अलग-अलग टीमों ने आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। कोटा में जहां मीणा का परिवार रहता है, वहां तलाशी ली गई। साथ ही सवाईमाधोपुर पंचायत समिति परिसर स्थित उनके सरकारी आवास पर भी टीम ने देर रात तक दस्तावेज खंगाले। एसीबी अब आरोपी की चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
एसीबी के आला अधिकारियों की निगरानी में एक्शन यह सफल ट्रैप एसीबी के उप महानिरीक्षक (DIG) आनंद शर्मा के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) भूपेंद्र के नेतृत्व में किया गया। इस पूरी कार्रवाई को एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक (IG) सत्येंद्र कुमार के निर्देशन में अंजाम दिया गया। फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी से पूछताछ की जा रही है।







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