अंतिम चेतावनी: भारतीय किसान संघ ने फूंका रणसिंघा, नरसाराम चौधरी की अगुवाई में सरकार को कड़ा अल्टीमेटम
जसवंतपुरा। क्षेत्र के अन्नदाताओं ने अब अपनी वाजिब मांगों को लेकर हुंकार भर ली है। सर्कल न्यूज नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय किसान संघ के बैनर तले जसवंतपुरा तहसील के किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शासन और प्रशासन को अंतिम चेतावनी दे डाली है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी ९ सूत्रीय मांगों पर तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले सोमवार से तहसील मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
नरसाराम चौधरी की ललकार: "अब धैर्य की परीक्षा बंद करे सरकार"
तहसील अध्यक्ष नरसाराम चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करे। चौधरी ने प्रमुखता से मांग उठाई कि:
- नर्मदा नहर के ओवरफ्लो पानी से बिठण, सिणधरा और चेकला जैसे बांधों को तुरंत भरा जाए।
- भालू अभयारण्य क्षेत्र के कारण किसानों को रात के बजाय दिन में बिजली दी जाए ताकि जंगली जानवरों का खतरा कम हो।
- घरेलू बिजली की दरों में व्याप्त विसंगति को दूर किया जाए।
किसानों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली विभाग के स्टोर कीपर द्वारा किसानों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रमुख किसान नेता रहे मौजूद
शक्ति प्रदर्शन के दौरान तहसील अध्यक्ष नरसाराम चौधरी के साथ मंत्री राणाराम, पावली सरपंच करताराम, सवाराम, राम सिंह गोलाना सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के अग्रणी किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रशासन अब किसी भ्रम में न रहे, यह लड़ाई हक की है।







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