- देशभर में गहराता परीक्षा का खौफ: कोयंबटूर में भी छात्रा ने लगाया मौत को गले, सुसाइड नोट में लिखा- 'दोबारा परीक्षा देने से डर लगता है'
- 2021 से 2026 के बीच NEET से जुड़े कम से कम 93 छात्रों की आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कोटा सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है ।
अहमदाबाद/कोयंबटूर। देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) को लेकर उपजा तनाव अब छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है। पिछले कुछ दिनों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों से तीन प्रतिभावान छात्रों द्वारा आत्महत्या करने के दिल दहला देने वाले मामले सामने आए हैं।

अहमदाबाद: बालकनी की नेट काटकर छठी मंजिल से छलांग लगाई
गुजरात के अहमदाबाद स्थित न्यू राणिप इलाके से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 17 वर्षीय छात्र कहान पटेल ने एरिस्टो आनंदम फ्लैट के 'बी' ब्लॉक की छठी मंजिल से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह आत्मघाती कदम छात्र ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे उठाया।
पुलिस जांच में सामने आया कि कहान नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसने सुरक्षा के लिहाज से बेडरूम की बालकनी में लगाई गई जाली (नेट) को काटा और वहां से नीचे छलांग लगा दी। जमीन पर गिरते ही सुरक्षा गार्ड ने शोर मचाया, लेकिन जब तक एम्बुलेंस मौके पर पहुंचती, छात्र की सांसें थम चुकी थीं। घटनास्थल पर केवल उसका चश्मा पड़ा मिला।
मेधावी था छात्र, माता-पिता रहते हैं अलग एसीपी डी.वी. राणा के मुताबिक, कहान पढ़ाई में काफी होनहार था। साल 2025 में उसने 12वीं कक्षा में 85 फीसदी अंक हासिल किए थे। इस साल दी गई नीट परीक्षा में भी उसका परिणाम अच्छा रहा था, लेकिन वह और बेहतर स्कोर के लिए दोबारा तैयारी में जुटा था। वह अपनी मां और 13 साल के छोटे भाई के साथ फ्लैट में रहता था, जबकि उसके पिता सूरत में क्रिमिनल लॉयर हैं और पिछले तीन साल से परिवार से अलग रह रहे हैं। पुलिस ने जांच के लिए छात्र का लैपटॉप जब्त किया है।
कोयंबटूर: 'पापा ने बहुत पैसे खर्च किए, अब डर लगता है'
दूसरी झकझोर देने वाली घटना तमिलनाडु के कोयंबटूर से सामने आई है। यहां पार्क टाउन की रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा अनुकीर्तना ने बुधवार को फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। कदम उठाने से ठीक पहले उसने अपने रिश्तेदार को व्हाट्सएप पर एक भावुक और डराने वाला संदेश भेजा।
"मुझे दोबारा परीक्षा देने से डर लग रहा है। पापा ने मेरी पढ़ाई पर बहुत पैसे खर्च किए हैं, मैं उनका सामना कैसे करूंगी? मैं मेडिकल कॉलेज में दाखिले का इंतजार कर रही थी, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई।" - अनुकीर्तना का आखिरी संदेश
इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शुरू में शव लेने से इनकार कर दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, हालांकि बाद में प्रशासनिक समझाइश के बाद वे शव लेने को तैयार हुए।
खौफ का आंकड़ा: परीक्षा के बाद से 14 छात्र गंवा चुके हैं जान
परीक्षाओं के दबाव के चलते देश का भविष्य कहे जाने वाले युवा अवसाद की गर्त में जा रहे हैं। पिछले दो दिनों के भीतर नीट के छात्रों द्वारा आत्महत्या का यह तीसरा मामला है। इससे ठीक एक दिन पहले 16 जून को देहरादून में भी रिया थापा नाम की 23 वर्षीय छात्रा ने मौत को गले लगा लिया था। आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल मई में आयोजित हुई नीट परीक्षा के बाद से अब तक देश भर में करीब 14 छात्र मानसिक तनाव के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। साबरमती पुलिस और स्थानीय प्रशासन इन मामलों की गहन जांच में जुटा है। इन 14 मामलों में 5 मामले परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद दर्ज किए गए हैं । 2021 से 2026 के बीच NEET से जुड़े कम से कम 93 छात्रों की आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कोटा सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है ।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां