सूरत। आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व शहर महामंत्री महेंद्र भूरसिंह राजपुरोहित (40), जो मूल रूप से पाली, राजस्थान के निवासी हैं और सूरत के गोडादरा स्थित ऋषिविहार रेसिडेंसी, माधवबाग में रहते हैं, को 21.27 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में लिंबायत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यायिक हिरासत में लाजपोर जेल भेज दिया गया है।
यह सनसनीखेज मामला लिंबायत क्षेत्र के एक कपड़ा व्यापारी के साथ हुई ठगी से जुड़ा है। जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी, दुकान मालिक भंवरलाल अचलाराम प्रजापति (35) (निवासी, गायत्रीनगर सोसायटी, पूणागाम, मूल निवासी, सिरोही, राजस्थान) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
क्या है पूरा मामला?
लिंबायत के प्रियंका सिटी प्लस में रहने वाले 37 वर्षीय कपड़ा व्यापारी मनोजकुमार पांडे जोबवर्क का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2021 में उनकी मुलाकात 'समक्ष प्रिंट्स' में काम करने वाले लक्ष्मण भाई से हुई थी। लक्ष्मण ने उन्हें बताया था कि उनके मालिक भंवरलाल की दुकान का सारा कामकाज और लेन-देन पूर्व 'आप' महामंत्री महेंद्र राजपुरोहित ही देखते हैं।
लक्ष्मण ने मनोजकुमार पांडे को भरोसा दिया था कि यदि वह उनकी दुकान से कपड़ा लेकर उस पर जोबवर्क करके देंगे, तो दुकान मालिक भंवरलाल और व्यवस्थापक महेंद्र राजपुरोहित उन्हें समय पर पेमेंट कर देंगे।
इस भरोसे पर, व्यापारी मनोजकुमार पांडे ने अप्रैल 2021 से मई 2022 के दौरान आरोपी की दुकान के लिए लगातार जोबवर्क का काम किया। इस काम की कुल राशि 21 लाख 27 हजार 46 रुपये हो गई, लेकिन आरोपी भंवरलाल प्रजापति और महेंद्र राजपुरोहित ने उन्हें कोई पेमेंट नहीं किया। जब व्यापारी ने बार-बार तकादा किया, तो दोनों आरोपियों ने रकम चुकाने से साफ मना कर दिया और पैसे हड़प लिए।
धोखाधड़ी का पता चलने पर व्यापारी मनोजकुमार पांडे ने लिंबायत पुलिस स्टेशन में दोनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए लिंबायत पुलिस ने तत्काल प्रभाव से 'आप' के पूर्व शहर महामंत्री महेंद्र राजपुरोहित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब फरार चल रहे मुख्य आरोपी भंवरलाल अचलाराम प्रजापति की तलाश में जुट गई है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी से सूरत के राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।







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