भीनमाल/राजपुरा। शक्तिपीठ सुंधामाता मंदिर में इन दिनों आस्था का अप्रतिम सैलाब उमड़ रहा है। दीपावली की छुट्टियों, नव वर्ष के उत्साह और लाभ पंचम के पावन अवसर पर रविवार का शुभ संयोग जुड़ने से श्रद्धालुओं की भीड़ ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, बीते दिनों में दो लाख से अधिक भक्तों ने माँ सुंधा माता के दर्शन किए हैं, और अब प्रतिदिन 50 हजार से अधिक श्रद्धालु यहाँ पहुँच रहे हैं, जिनमें गुजरात से आए भक्तों की संख्या सर्वाधिक है।
'बोल मारी सुंधामाता' के जयकारों से गूंजा धाम:
सुबह की मंगला आरती से ही भक्तों का उत्साह चरम पर था। मंदिर परिसर, चौक और रेलिंग भक्तों से खचाखच भरे रहे। 'बोल मारी सुंधामाता, जय जय चामुंडा' के जयकारों से पूरा सुंधामाता धाम भक्तिमय हो गया। भीड़ इतनी बढ़ गई कि मंदिर से तीन किलोमीटर दूर राजपुरा गांव तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे पार्किंग स्थल पूरी तरह से भर गए। कई उत्साही भक्तों ने लंबी कतारों से बचने के लिए पहाड़ी रास्ते से सीधे मंदिर तक चढ़ाई की।

ट्रस्ट के नवाचार और बेहतरीन व्यवस्था:
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने विशेष व्यवस्थाएं लागू की हैं। ट्रस्ट व्यवस्थापक जीतेन्द्र सिंह ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए पानी, चिकित्सा, सुरक्षा और व्यवस्था प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिन्हें वह स्वयं बेहतरीन तरीके से संभाल रहे हैं।

ट्रस्ट अध्यक्ष ईश्वर सिंह देवल ने जानकारी दी कि ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिए कई नवाचार किए हैं, जो भक्तों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हैं:
- विशाल त्रिशूल: मंदिर परिसर में स्थापित विशालकाय त्रिशूल एक नया सेल्फी पॉइंट बन गया है, जहाँ भक्त माता के प्रति अपनी श्रद्धा दर्शाते हुए तस्वीरें खींच रहे हैं।
- सजावट और हवन: दीपावली के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर की हवन शाला में भक्त बड़ी संख्या में हवन कर रहे हैं।
- मनोरंजन और रोमांच: मंदिर परिसर के पीछे और पंसेरी के धोरो (रेतीले टीलों) में घुड़सवारी और ऊंट सवारी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे धार्मिक यात्रा के साथ-साथ रोमांच का अनुभव भी हो रहा है।
रोप-वे पर लम्बा इंतज़ार:
भक्तों की संख्या अधिक होने के कारण मंदिर तक पहुंचने के लिए Rope-way (रोप-वे) पर लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को अपनी बारी के लिए लम्बा इंतज़ार करना पड़ रहा है। यह दृश्य धाम के प्रति अटूट आस्था को दर्शाता है।
मंदिर प्रबंधन ने भक्तों से अपील की है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और माता का आशीर्वाद लेकर सुरक्षित घर लौटें। सुंधामाता मंदिर में उमड़ी यह आस्था की लहर, क्षेत्र के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल बना रही है।
[गुमान सिंह राव, रानीवाडा 8094161616]







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