राज्य सरकार की पहल पर जिलों में आयोजित हो रहे 'ग्रामीण सेवा शिविर' ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई अलख जगा रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है, और इसी कड़ी में गुरुवार को रानीवाड़ा तहसील की ग्राम पंचायत जोड़वास में एक मार्मिक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला।
स्वामित्व कार्ड पाकर खिला मनाराम का चेहरा:
शिविर के दौरान, जोड़वास निवासी मनाराम पुत्र रामजीराम को मुख्यमंत्री स्वामित्व कार्ड योजना के तहत उनकी पैतृक भूमि का वैधानिक अधिकार पत्र यानी 'स्वामित्व कार्ड' प्राप्त हुआ। वर्षों से जिस भूमि पर उनका परिवार रहता और खेती करता आया था, उसका कानूनी मालिकाना हक हाथ में आते ही मनाराम का चेहरा खुशी से खिल उठा। यह पल उनके लिए केवल एक दस्तावेज़ मिलना नहीं था, बल्कि अपनी पुश्तैनी जायदाद पर सम्मान और सुरक्षा की मोहर लगना था।
कार्ड प्राप्त करने के बाद, भावुक मनाराम ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और पूरे प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह कार्ड मेरे लिए सिर्फ ज़मीन का कागज़ नहीं है, यह हमारे हकों की पहचान है। अब हमें कोई भय नहीं है। मुख्यमंत्री जी और प्रशासन ने गरीब की सुनवाई की है।" मनाराम की यह खुशी यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाएँ कैसे सीधे आम आदमी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
मुख्यमंत्री स्वामित्व कार्ड योजना: अधिकार और आत्मनिर्भरता का मार्ग
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को उनकी आवासीय संपत्तियों का मालिकाना हक़ प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
- क्या है योजना? यह केंद्र की 'स्वामित्व' योजना पर आधारित है, जिसका लक्ष्य अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग कर ग्रामीण आबादी क्षेत्रों की भूमि की मैपिंग करना और संपत्ति मालिकों को वैधानिक 'स्वामित्व कार्ड' जारी करना है।
- फायदे क्या हैं? कार्ड मिलने से संपत्ति धारक अपनी ज़मीन पर बैंक से ऋण ले सकते हैं, संपत्ति विवादों में कमी आती है, और शहरीकरण के अनुरूप अपनी संपत्ति का पूरा मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और नागरिकों की वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है।
'ग्रामीण सेवा शिविर': प्रशासन आपके द्वार
'ग्रामीण सेवा शिविर' राज्य सरकार के प्रशासन गांवों के संग अभियान का विस्तार हैं।
- उद्देश्य: इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य सरकारी सेवाओं और योजनाओं को ब्लॉक या तहसील स्तर से निकालकर सीधे गांव की चौपाल तक पहुंचाना है, जिससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
- उपलब्धियाँ: स्वामित्व कार्ड वितरण के साथ-साथ इन शिविरों में अन्य राजस्व संबंधी कार्य, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के आवेदन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं के त्वरित समाधान किए जाते हैं।
इस अवसर पर रानीवाड़ा ब्लॉक विकास अधिकारी हेमलता बिश्नोई, नायब तहसीलदार राणा राम, ग्राम विकास अधिकारी गोविन्द पराडिया सहित सभी राजस्व कार्मिक उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय भागीदारी ने शिविर को सफल बनाया। सर्कल न्यूज़ नेटवर्क की टीम ने पाया कि मनाराम जैसे कई ग्रामीण थे, जो अपने हकों का कार्ड पाकर एक नई उम्मीद और विश्वास के साथ घर लौटे।
जिले की 14 ग्राम पंचायतों में आयोजित हुए ग्रामीण सेवा शिविर
विभिन्न विभागों की सेवाओं से ग्रामीणों को लाभांवित करते हुए उनकी समस्याओं का किया गया समाधान

केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से आमजन को लाभांवित करने तथा उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए गुरूवार को जिले की 14 ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जिले में गुरूवार को जालोर तहसील की नरसाणा व डांगरा, आहोर तहसील की गुडा बालोतान व उम्मेदपुर, सायला तहसील की रेवतड़ा व जालमपुरा, जसवंतपुरा तहसील की तवाव व तातोल, रानीवाड़ा तहसील की आजोदर व जोडवास, सांचौर तहसील की लाछीवाड व राजीव नगर एवं चितलवाना तहसील की दूठवा व टांपी ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों को केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
ग्रामीण सेवा शिविरों में आमजन को राजस्व विभाग द्वारा लंबित फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करवाना, आपसी सहमति से विभाजन, किसान गिरदावरी एप डाउनलोड कराना एवं किसान गिरदावरी के लिए प्रेरित करना, नामांतरण, मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र जारी करने, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बीपीएल परिवारों का सर्वे एवं विकास कार्यों की स्वीकृतियां जारी करने, पंचायती राज विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के पट्टों हेतु आवेदन एवं वितरण, चिकित्सा विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जांच, कैंसर व सिकल सेल रोग, स्क्रीनिंग, बच्चों का टीकाकरण, टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत जांच एवं पोषण किट वितरण तथा पीएमजेवाई कार्ड वितरण किया जाएगा। पशुपालन विभाग द्वारा पशु स्वास्थ्य शिविर और टीकाकरण, ऊर्जा विभाग द्वारा बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान, कृषि विभाग द्वारा बीज मिनी किट वितरण तथा आयोजना विभाग द्वारा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया। रसद विभाग द्वारा एनएफएसए के लंबित प्रकरणों का निस्तारण एवं पात्र परिवारों की आधार सीडिंग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री घुमंतु आवास योजना, छात्रावासों का रखरखाव, यूडीआईडी कार्ड बनाने इत्यादि कार्य किए गए।
जिले में शुक्रवार को इन ग्राम पंचायतों में आयोजित होंगे ग्रामीण सेवा शिविर
जिले में गांवों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, जागरूक और सशक्त बनाने तथा जनसहभागिता, सरकारी सेवाओं की सीधी पहुंच और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र ग्रामीणों तक पहुँचाने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से ग्राम पंचायतवार ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रमानुसार 17 अक्टूबर, शुक्रवार को जालोर तहसील की सामतीपुरा व तीखी, आहोर तहसील की गोदन व सांकरणा, सायला तहसील की सिराणा, जसवंतपुरा तहसील की सोमता व खानपुर, रानीवाड़ा तहसील की कूडा व करड़ा, सांचौर तहसील की डबाल व पहाड़पुरा एवं चितलवाना तहसील की विरावा व सेसावा ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया जायेगा।







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