सर्कल न्यूज़ नेटवर्क की विशेष रिपोर्ट: भोर की पहली किरण के साथ गूंजा संगठन मंत्र, प्रधानाचार्य बोले— विद्यार्थियों के लिए तनावमुक्ति का अचूक मार्ग है योग
रानीवाड़ा (जोधपुर संभाग)। एकल अभियान (भीनमाल अंचल) के रानीवाड़ा संच के अंतर्गत ग्राम जोड़वास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विश्व योग दिवस अत्यंत उत्साह, उमंग और गरिमा के साथ मनाया गया। भोर की पहली किरण के साथ ही विद्यालय परिसर में बच्चों, स्टाफ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुषों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
मंत्रोच्चार से शुरुआत, विभिन्न आसनों का कराया अभ्यास
कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन मंत्र "ॐ संगच्छध्वं संवदध्वं..." के पवित्र और सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ। अंचल प्रशिक्षण प्रमुख मोड़ा राम के सानिध्य में उपस्थित जनसमुदाय को ध्यान मुद्रा में लाया गया। इसके बाद शारीरिक शिक्षक भावा राम वाघेला ने योग से होने वाले लाभों की जानकारी दी। मोड़ा राम ने सभी को सूक्ष्म व्यायाम और चालन क्रियाएँ करवाने के बाद खड़े होकर किए जाने वाले आसन (ताड़ासन, वृक्षासन), बैठकर किए जाने वाले आसन तथा पेट व पीठ के बल किए जाने वाले विभिन्न योगासनों का गहन अभ्यास कराया। उन्होंने प्रत्येक आसन की सही विधि और उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात कपालभांति, अनुलोम-विलोम सहित विभिन्न प्राणायामों का अभ्यास भी करवाया गया।

एकल अभियान की पृष्ठभूमि और योग की महत्ता पर प्रकाश
इस अवसर पर भाग गतिविधि प्रमुख रमेश कुमार पंचाल ने एकल अभियान की पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने योग के वैश्विक महत्व, इसके चमत्कारी फायदों और इस वर्ष के योग दिवस की मूल थीम के बारे में बताते हुए सभी उपस्थित ग्रामीणों और बच्चों को योग को अपने दैनिक जीवन में अनिवार्य रूप से अपनाने का संकल्प दिलवाया।
प्रधानाचार्य का प्रेरणादायी उद्बोधन: दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं विद्यार्थी
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जोड़वास के प्रधानाचार्य करनाराम वाणिका ने अपने उद्बोधन में योग के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य और अनुशासित जीवन जीने की एक अद्भुत कला है। आज की युवा पीढ़ी और विशेषकर विद्यार्थियों को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए, जिससे वे मानसिक तनाव से मुक्त रहकर पढ़ाई और करियर में बेहतर ध्यान केंद्रित कर सकें।
पौधारोपण और शांति पाठ के साथ हुआ समापन
योग सत्र के अंतिम चरण में पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने का संदेश देते हुए विद्यालय परिसर में सामूहिक पौधारोपण किया गया। उपस्थित अतिथियों और ग्रामीणों ने पौधों की देखरेख का जिम्मा लिया। अंत में विश्व कल्याण की कामना के साथ पवित्र 'शांति पाठ' कर कार्यक्रम का विधिपूर्वक समापन किया गया।
आयोजन में यह रहे उपस्थित
इस भव्य और गरिमामयी आयोजन में संच प्रमुख आसुराम गोयल, राजेश रोहीण, आचार्या नीता कुमारी, शारीरिक शिक्षक भावा राम, वीडीओ गोविंद पराडिया, गोविंद सोलंकी, सावला राम, महेन्द्र सोलंकी, माधा राम, कपूरा राम, विरधा राम, पोपट वाघेला, मफा राम, लखमा राम, विमल, हिम्मता राम, जयंती लाल, मथुरा राम, लाला राम, नरपत कुमार गोयल सहित समस्त विद्यालय स्टाफ, बच्चे और प्रबुद्ध ग्रामीणजन उपस्थित रहे।







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