गांवों की समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर पहुंचकर करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा रात्रि चौपालों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार रात ग्राम पंचायत गजापुरा में रात्रि चौपाल का आयोजन हुआ, जिसमें जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के गवांडे, पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने बेझिझक अपनी समस्याएं रखीं, जिनका अधिकारियों ने मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया।
मुख्य गतिविधियां और उद्देश्य
- रात्रि चौपाल में जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के गवांडे, पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल, और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याएं सुनना, योजनाओं की जानकारी देना और मौके पर समाधान करना था।

- ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन, पेंशन, कृषि, पशुपालन, महिला व बाल विकास आदि से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
- संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं, लाभ, और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के वक्तव्य
- जिला कलक्टर ने कहा कि प्रशासन गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
- पूर्व विधायक ने ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील की।
- सरपंच पारस कुंवर ने सभी पांच गांवों से आए लोगों का धन्यवाद किया और प्रशासन की सक्रियता की सराहना की।
विभागवार रिपोर्ट और प्रगति
- स्वास्थ्य विभाग: स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण, मातृ-शिशु पोषण, बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई।
- शिक्षा विभाग: छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, शिक्षा योजनाओं की जानकारी दी गई।
- कृषि व पशुपालन: फसल बीमा, पशु टीकाकरण, नस्ल सुधार, कृषि अनुदान आदि की जानकारी।
- बिजली व जलापूर्ति: बिजली कनेक्शन, पानी की समस्या का समाधान, शिकायतें दर्ज की गईं।
- महिला व बाल विकास: पोषाहार, मातृत्व योजनाएं, महिला सुरक्षा व कल्याण योजनाओं की जानकारी।
समस्याओं का त्वरित समाधान
- कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष समस्याओं के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए।
- ग्रामीणों को बताया गया कि वे अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के पास ला सकते हैं, जिससे बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
निष्कर्ष
रात्रि चौपाल में जनसुनवाई, योजनाओं की जानकारी, विभागवार रिपोर्टिंग और ऑन द स्पॉट समाधान की प्रक्रिया रही। प्रशासन, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों की सहभागिता से कार्यक्रम सफल रहा।







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