- जयपुर में 4 साल की घोर तपस्या और ऑल इंडिया 41वीं रैंक; भीनमाल के ओपावत ननिहाल से लेकर जालोर की गलियों तक शौर्य का उत्सव।
- वरिष्ठ बैंक प्रबंधक राव महेन्द्र सिंह के बेटों ने बढ़ाया जिले का मान; 16 जून को जालोर रेलवे स्टेशन से शुरू होगा वीर सपूतों का ऐतिहासिक स्वागत सफर।
- लेफ्टिनेंट प्रीतम सिंह और इंस्पेक्टर संजय सिंह की सफलता की वो अनकही कहानी, जिसे सुन हर जालोर वासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाए।

"सिंहों की गोदी में सोए, वो सपूत नहीं डरे,
देश की खातिर जिसने अपने प्राण हथेली पर धरे।
धन्य है वो जालोर की माटी, धन्य बगेड़िया परिवार,
जहाँ एक ही मां की कोख से जनम ले, दो-दो वीर हुए तैयार!"
जालोर| जब देश की रक्षा और सेवा की बात आती है, तो एक माता-पिता के लिए अपने कलेजे के टुकड़े को वर्दी सौंपना किसी कठोर तपस्या से कम नहीं होता। अपने लाडलों को सरहद और देश की आंतरिक सुरक्षा के हवाले करना, दिल पर पत्थर रखने जैसा है; लेकिन यह शौर्य और त्याग हर किसी के हिस्से नहीं आता। जालोर के इतिहास में आज एक ऐसा ही स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसने पूरे जिले का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
एक ही घर के दो सगे भाइयों ने अपनी कठोर मेहनत और संकल्प से सफलता का वो परचम लहराया है, जो आज समूचे मारवाड़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बन चुका है।

शानदार कामयाबी: ऑल इंडिया 41वीं रैंक और देश के गौरव
सर्कल न्यूज नेटवर्क को मिली विशेष जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ प्रबंधक (कोऑपरेटिव बैंक, जालोर) राव महेन्द्र सिंह बगेड़िया के घर आज खुशियों और गौरव का महासागर उमड़ पड़ा है। उनके सुपुत्र प्रीतम सिंह ने भारतीय सेना में ऑल इंडिया 41वीं रैंक हासिल कर लेफ्टिनेंट पद को सुशोभित किया है। प्रीतम सिंह ने सेना का बेहद कठिन और पराक्रमी 18 महीनों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, और अब वे पूर्ण रूप से लेफ्टिनेंट पद पर पदस्थापित हो चुके हैं।
बगेड़िया परिवार की इस कामयाबी में चार चांद लगाते हैं उनके बड़े भाई संजय सिंह, जो वर्तमान में भारत सरकार के अधीन सीआईएसएफ (CISF) कस्टम इंस्पेक्टर / GST ऑफिसर के पद पर देश को अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

बना इतिहास: राव सिरदार समाज के इतिहास में प्रीतम सिंह पहले लेफ्टिनेंट बने हैं, जिन्होंने इंडियन आर्मी में यह मुकाम पाया है। वहीं उनके बड़े भाई संजय सिंह भी समाज के पहले GST ऑफिसर हैं। एक ही परिवार से दो-दो प्रथम श्रेणी के सैन्य व प्रशासनिक अधिकारी मिलना जालोर के लिए किसी ऐतिहासिक गौरव से कम नहीं है।

जालोर की गलियों से देश की सरहद तक का सफर
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे वर्षों का कड़ा संघर्ष, तपस्या और अनुशासित जीवन छिपा है:
- प्रारंभिक शिक्षा: दोनों होनहार भाइयों की शुरुआती शिक्षा जालोर हाई स्कूल से हुई, जहाँ इन्होंने अनुशासन के पहले पाठ सीखे।
- जयपुर में कठोर तप: स्कूली शिक्षा के बाद दोनों भाइयों ने जयपुर में 4 साल तक बेहद कठिन परिस्थितियों में रहकर कठोर पढ़ाई की। ऐशो-आराम से दूर, दिन-रात की गई इसी साधना का परिणाम है कि आज दोनों भाई देश सेवा के सर्वोच्च पदों पर हैं।
- ननिहाल का मान: दोनों बहादुर अफसरों का ननिहाल भीनमाल के प्रतिष्ठित ओपावत परिवार में है। इनके मामा थान सिंह ओपावत और दशरथ सिंह ओपावत को भी अपने इन भांजों के शौर्य पर अटूट गर्व है।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: जालोर के प्रसिद्ध भाजपा नेता व मंडल अध्यक्ष गणपत सिंह बगेड़िया और शंकर सिंह बगेड़िया इनके चाचा लगते हैं, जो इस दोहरी सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं।
ऐतिहासिक स्वागत समारोह: 18 महीने बाद लौट रहे हैं जालोर के लाडले
अपनी कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद लेफ्टिनेंट प्रीतम सिंह पूरे 18 महीने बाद पहली बार अपनी जन्मभूमि जालोर लौट रहे हैं। इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए बगेड़िया परिवार और पूरा जालोर शहर पलक-पावड़े बिछाकर तैयार खड़ा है।
कार्यक्रम का विवरण:
- भव्य स्वागत समारोह: दिनांक 16.06.2026, प्रातः 8:00 बजे (रेलवे स्टेशन, जालोर से शुभ स्थल तक भव्य शौर्य रैली के रूप में)।
- आशीर्वाद एवं प्रीतिभोज: दिनांक 16.06.2026, दोपहर 12:00 बजे से आपके आगमन तक।
- मुख्य निवेदक: श्रीमती इन्द्रा कंवर (दादी सा), श्रीमती मंजू कंवर एवं राव महेन्द्र सिंह बगेड़िया (माता-पिता)।

जालोर के इन शेरों को सलाम!
सर्कल न्यूज नेटवर्क इन दोनों जांबाज भाइयों—संजय सिंह और प्रीतम सिंह के जज्बे को सलाम करता है। धन्य हैं वो माता-पिता जिन्होंने ऐसे सपूतों को जन्म दिया और धन्य है जालोर की यह धरती, जिसने देश को ऐसे रक्षक सौंपे। यह केवल एक परिवार का उत्सव नहीं, बल्कि हर उस युवा के लिए एक खुली चुनौती और प्रेरणा है जो अपनी आंखों में देश सेवा का ख्वाब सजाए बैठा है। जब जालोर के दो भाई एक साथ देश की सुरक्षा की कमान संभाल सकते हैं, तो देश का भविष्य यकीनन सुरक्षित हाथों में है।
जय हिंद, जय राजपूताना!







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