मजदूरी का झांसा देकर लाए, शराब पिलाई और उतार दिया मौत के घाट; पत्नी और प्रेमी ने मिलकर रची थी खौफनाक साजिश
जालोर। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय जालोर के निर्देशानुसार जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आहोर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मडला सरहद में हुई एक व्यक्ति की सनसनीखेज हत्या (ब्लाइंड मर्डर) का महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आधार कार्ड से हुई मृतक की शिनाख्त, मां ने दर्ज कराया था मामला
थानाधिकारी करणसिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को 24 जून 2026 को आहोर क्षेत्र के मडला सरहद में एक अज्ञात व्यक्ति की लाश पड़ी होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब जांच की, तो मृतक के पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान राजेंद्र कुमार (पुत्र स्व. ओटाराम मीणा, निवासी रानीगांव, पाली) के रूप में हुई। मृतक की मां सारकी देवी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
तकनीकी विश्लेषण और साइबर सेल ने खोला राज
इस पेचीदे मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने एफएसएल (FSL) और एमओबी (MOB) टीमों की मदद ली। घटनास्थल का बीटीएस लेकर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली गई। जब मृतक की पत्नी ममता के मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया, तो शक की सूई रमेश कुमार मीणा की तरफ घूमी। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए रमेश कुमार मीणा और उसके साथी अभिषेक मीणा को दस्तयाब कर जब सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
तरीका-ए-वारदात: प्यार, धोखा और फिर खूनी साजिश
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि मृतक राजेंद्र कुमार की शादी 14-15 साल पहले ममता के साथ हुई थी। पिछले 8-10 महीनों से दोनों के बीच चल रहे मनमुटाव के कारण ममता अपने पीहर आ गई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात रमेश मीणा से हुई और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग व अंतरंग संबंध बन गए।
दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन राजेंद्र कुमार उनके इस रिश्ते में बाधक बन रहा था। इसके बाद रमेश और ममता ने मिलकर राजेंद्र को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। साजिश के तहत रमेश अपने रिश्तेदार अभिषेक मीणा के साथ मोटरसाइकिल पर राजेंद्र को मजदूरी दिलाने का बहाना बनाकर साथ लाया। रास्ते में उसे कई बार शराब पिलाई गई और मडला सरहद के पास सुनसान जगह ले जाकर रमेश और अभिषेक ने मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
इस टीम ने 48 घंटे में किया मामले का भंडाफोड़
इस ब्लाइंड मर्डर को ट्रेस आउट करने में आहोर थानाधिकारी करणसिंह, भाद्राजून थानाधिकारी लालाराम, उपनिरीक्षक नरपतसिंह, रणजीतसिंह, मुगाराम, रघुनाथ, भजनलाल, महेश कुमार, केसाराम और पुनित देवासी सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही।
साइबर सेल की रही विशेष भूमिका: इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और आरोपियों तक पहुंचने में साइबर सेल जालोर के किशन गहलोत (हैड कांस्टेबल), बहादुरखा (सउनि) और सुभाष डिशानिया (कांस्टेबल) ने तकनीकी मोर्चे पर विशेष भूमिका निभाई। पुलिस अब आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।







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