6 राज्यों के 16 ठिकानों पर काटी फरारी; साथी को जेल भिजवाकर बनाता था नई गैंग, 'दोस्त' की ही मुखबिरी पर दबोचा गया
Circle News Network जयपुर/जालोर/पाली। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। ANTF ने 'ऑपरेशन मदभ्रमर' के तहत कार्रवाई करते हुए 2 साल से फरार 25,000 रुपये के इनामी कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर भैराराम देवासी (निवासी अगवरी, थाना आहोर, जिला जालोर) को पाली के तखतगढ़ से दबोच लिया। ANTF का यह 90वां सफल शिकार है।

खबर के प्रमुख बिंदु (Highlights):
- 25 हजार का इनामी गिरफ्तार: जालोर एसपी द्वारा 25,000 रुपये का इनामी घोषित भैराराम पिछले 2 साल से फरार चल रहा था।
- 6 राज्यों में 16 ठिकाने बदले: गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान के 16 अलग-अलग ठिकानों पर फरारी काटी।
- ट्रेसिंग से बचने का तरीका: वह बात करने के लिए कभी अपना फोन इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि राहगीरों से मोबाइल मांगकर बात करता था।
- ड्राइवर से बना मास्टरमाइंड: 5वीं पास भैराराम ने 2019 में 50 हजार रुपये प्रति ट्रिप पर डोडा पोस्त की गाड़ियां चलाना शुरू किया और बाद में खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया।
- साथी को फंसाकर खुद भागने की फितरत: तस्करी के दौरान जब भी पुलिस आती, वह साथियों को आगे कर खुद भाग जाता और नई गैंग तैयार कर लेता था।
विस्तृत समाचार (Briefing):
चरवाहे से बना तस्कर, 50 हजार प्रति ट्रिप से शुरू हुआ खेल एएनटीएफ महानिरीक्षक (IG) विकास कुमार ने बताया कि डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और एडीजी दिनेश एमएन के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। 5वीं तक पढ़ा भैराराम पहले भेड़-बकरियां चराने और खेती का काम करता था। वर्ष 2019 में पिता की मौत के बाद वह तस्करों के संपर्क में आया। शुरुआत में वह 50,000 रुपये प्रति ट्रिप के हिसाब से डोडा पोस्त से भरे वाहनों की ड्राइविंग करता था। धीरे-धीरे उसने राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा से जुड़े तस्करी के पूरे नेटवर्क पर अपनी पकड़ बना ली।
साथी जेल जाते रहे, यह बनाता रहा नई गैंग वर्ष 2024 में आहोर थाना पुलिस ने डोडा पोस्त के साथ इसके साथियों को पकड़ा, लेकिन भैराराम चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद उसने भाद्राजून के तस्कर के साथ नया नेटवर्क बनाया। जब वह भी पकड़ा गया, तो भैराराम फिर फरार हो गया। वह हर बार नए तस्करों को जोड़कर नया सिंडिकेट तैयार कर लेता था।
शेखी बघारना पड़ा महंगा: दोस्त ने ही करा दिया गिरफ्तार दो साल तक 6 राज्यों में छिपने के बाद भैराराम 15 दिन पहले ही पाली के तखतगढ़ में किराए का कमरा लेकर रुका और फिर से तस्करी शुरू की। उसने अपने मौजूदा साथी के सामने डींगें हांकते हुए कहा— "मैं हर बार पुलिस को चकमा दे देता हूं, 3-4 ट्रिप हो चुकी हैं, इस बार भी मैं निकल जाऊंगा और तू जेल जाएगा। पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।"
यह बात उसके साथी को चुभ गई। उसने तुरंत ANTF को गुप्त सूचना दे दी कि भैराराम तखतगढ़ में उसके ठिकाने पर है और जल्द भागने वाला है। सूचना मिलते ही ANTF की टीम ने घेराबंदी कर उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
टीम को मिलेगा सम्मान, ANTF ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर आईजी विकास कुमार ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन में शामिल पूरी टीम को ANTF मुख्यालय में सम्मानित किया जाएगा। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि मादक पदार्थों और अपराधियों से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर संपर्क करें; सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।









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