कुवाणा मर्डर मिस्ट्री का महज कुछ ही घंटों में पर्दाफाश, पुलिस की मुस्तैदी से दबोचे गए 5 आरोपी, भील युवक है भलीसर बाड़मेर निवासी
Circle News Network
दियाोदर/वाव-थराद।
गुजरात के बनासकांठा जिले में कुवाणा गांव के पास दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में वाव-थराद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है। पुरानी रंजिश के चलते फिल्मी स्टाइल में कोर्ट से रेकी कर इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
घटनास्थल:
कुवाणा गांव रोड, पान पार्लर के पास, तालुका दियाोदर, जिला बनासकांठा (गुजरात)।

एसपी चिंतन ने दी जानकारी
वाव-थराद के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री चिंतन ने प्रेस नोट के माध्यम से बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) श्री परीक्षा रठौड़ के मार्गदर्शन में एलसीबी (LCB), सोग (SOG), पेरोल फ्लो और स्थानीय थानों की टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने गांधीनगर और जिला नेत्रम के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों, ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से 100 से अधिक स्थानों पर कड़ियां जोड़ीं। वारदात में इस्तेमाल सफेद स्कॉर्पियो और सिल्वर इनोवा गाड़ी के सुराग मिलने के बाद आरोपियों को घेराबंदी कर बुकणा गांव से राउंड-अप कर गिरफ्तार कर लिया गया।

मर्डर का कारण (पुरानी रंजिश और बदले की आग)
पुलिस पूछताछ में मुख्य वजह 'खून का बदला खून' निकलकर सामने आई है। दरअसल, पूर्व में बुकणा गांव के रहने वाले अलभाई सुजाजी गोहिल की हत्या कर दी गई थी, जिसका आरोप मृतक शामळाभाई भील पर था। इसी पुराने मर्डर का बदला लेने के इरादे से आरोपियों ने इस पूरी खूनी साजिश को रचा था।
मृतक का पूरा नाम और पता
- शामळाभाई फोटाभाई भील (निवासी: कुवाणा पान पार्लर के पास, तालुका दियाोदर; मूल निवासी: भलीसर, तालुका गुड़ामालानी, राजस्थान)।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते
पुलिस ने बुकणा (तालुका वाव) के रहने वाले निम्नलिखित 5 आरोपियों को दबोचा है:
- किरणभाई सुजाजी गोहिल (निवासी: बुकणा, ता. वाव) - इसका पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है।
- शिवाजी पबाजी गोहिल (निवासी: बुकणा, ता. वाव)
- महेशभाई रामसीभाई गोहिल (निवासी: बुकणा, ता. वाव)
- सुजाजी पबाजी गोहिल (निवासी: बुकणा, ता. वाव)
- भरतभाई जोगाभाई गोहिल (निवासी: बुकणा, ता. वाव)
ब्रीफ स्टोरी: कोर्ट से ही पीछे लग गए थे कातिल
पुलिस के अनुसार, मृतक शामळाभाई भील थराद कोर्ट में किसी मामले की तारीख (मुद्त) पर आया हुआ था। आरोपी पहले से ही कोर्ट परिसर के पास उसकी रेकी (निगरानी) कर रहे थे। जैसे ही शामळाभाई कोर्ट का काम पूरा कर बाहर निकला, आरोपियों ने अपनी गाड़ियों (सफेद स्कॉर्पियो और सिल्वर इनोवा) से उसका पीछा करना शुरू कर दिया।
कुवाणा गांव के पास रोड पर आरोपियों ने आगे बढ़कर शामळाभाई को रोक लिया। गाड़ी से उतरकर किरणभाई, शिवाजी और महेशभाई ने पिस्तौल और धारिया (धारदार हथियार) निकाल लिए। आरोपी किरणभाई ने शामळाभाई पर पिस्तौल से दो राउंड फायरिंग की, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद महेश और शिवाजी ने धारदार हथियारों से उसके गले और शरीर पर ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे शामळाभाई की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए थे, जिन्हें अब पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।







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