• इनामी तस्कर मोटाराम का ‘काला कारोबार’: सरकारी स्कूल के पास चल रही थी मौत की फैक्ट्री • पुलिस की रेड से पहले सरगना फरार, मकान मालिक डिटेन; 18 महीनों में तीसरी बडी स्ट्राइक
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क बाडमेर। सरहदी जिले बाडमेर के रेतीले धोरों में नशा तस्करों ने ‘सफेद जहर’ का गढ बना लिया है। सदर थाना क्षेत्र के आदर्श चवा केरली नाडी में पुलिस ने एक ऐसी हाई-प्रोफाइल MD ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है, जो लकडी के कारखाने की आड में चल रही थी। पुलिस ने मौके से करीब 80 करोड रुपये से ज्यादा कीमत की ड्रग्स और केमिकल जब्त किया है।
सरकारी स्कूल के पास ‘जहर’ की खेती हैरानी की बात यह है कि नशे की यह फैक्ट्री एक सरकारी स्कूल के बिल्कुल पास चल रही थी। तस्कर मोटाराम अपने चचेरे भाई भैराराम के लकडी के कारखाने का इस्तेमाल कवर के तौर पर कर रहा था। ड्रग्स बनाते समय उठने वाली तेज दुर्गंध से किसी को शक न हो, इसके लिए बदमाश तैयार माल को बर्तनों में भरकर छत पर छिपाकर सुखाते थे।
10 दिन पहले शुरू हुआ था खेल पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह फैक्ट्री 10-15 दिन पहले ही शुरू की गई थी। तस्कर इतने शातिर थे कि उन्होंने एक खेप की सप्लाई भी कर दी थी और दूसरी खेप तैयार कर छत पर छिपा रखी थी। मौके से कलर मिक्सिंग मशीन, भारी मात्रा में पाउडर, ड्रम और एक फ्रीज मिला है, जिसमें माइनस 20 डिग्री तापमान पर केमिकल स्टोर किया जाता था।
रेत के धोरों में चकमा दे गया ‘मास्टरमाइंड’ फैक्ट्री तक पहुंचने के लिए दो रेतीले और सुनसान रास्ते थे, जिससे तस्करों को पुलिस की मूवमेंट की भनक पहले ही लग गई। गुरुवार रात 8 बजे जब डीएसटी और पुलिस ने दबिश दी, तो मुख्य आरोपी और इनामी तस्कर मोटाराम (निवासी आदर्श केरली) मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मकान मालिक भैराराम कडवासरा को डिटेन किया है।
पुलिस की बडी कामयाबी बाडमेर पुलिस ने पिछले 18 महीनों में यह तीसरी ड्रग फैक्ट्री पकडी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनसीबी (NCB) को भी सूचना दी गई है। फिलहाल पुलिस की विशेष टीमें फरार मोटाराम की तलाश में जुटी हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे सरकारी स्कूल के पास यह कारोबार कैसे पनपा?



