हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर किया अभिनंदन, 'सदगुरू समर्पणम चातुर्मास-2026' का ऐतिहासिक आगाज
मदुरै। आस्था, भक्ति और अपार हर्षोल्लास के बीच सोमवार को मदुरै की धरा धर्ममय हो उठी। श्री साँचा सुमतिनाथ भगवान राजेन्द्रसुरी ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित "सदगुरू समर्पणम चातुर्मास–2026" के तहत परम पूज्य विदुषी साध्वी आज्ञानिधि श्रीजी म.सा. आदि ठाणा–6 का चातुर्मास मंगल प्रवेश श्रद्धा और उमंग भरे माहौल में संपन्न हुआ।

गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
प्रातः आराधना भवन से मंगलध्वनि, गाजे-बाजे और नवकार महामंत्र के जयघोषों के साथ भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा रवाना हुई। शोभायात्रा सोना-चाँदी बाजार, श्री साँचा सुमतिनाथ मंदिर और साउथ मासी स्ट्रीट होती हुई यतीन्द्र भवन पहुँची। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने अक्षत, श्रीफल और पुष्पवर्षा कर साध्वी भगवंत का भावभीना स्वागत किया।

"चातुर्मास काल आत्म-निरीक्षण, तप, स्वाध्याय और संयम की राह पर चलने का अनुपम अवसर है। इस दौरान अधिक से अधिक धर्म आराधना और सेवा कार्यों से जुड़कर आत्मकल्याण करें।"
— साध्वी आज्ञानिधि श्रीजी म.सा. (यतीन्द्र भवन धर्मसभा में प्रेरणादायी संदेश)

ओजस्वी प्रवचनों से भावविभोर हुए श्रद्धालु
यतीन्द्र भवन में आयोजित धर्मसभा में साध्वी भगवंत ने संयम, तप, त्याग और आत्मकल्याण पर प्रेरक उद्बोधन दिया। उनके ओजस्वी विचारों को सुनकर उपस्थित जनमेदिनी भावविभोर हो उठी।
कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन विजयराज गुलेच्छा ने किया। संघ प्रवक्ता दिनेश सालेचा ने बताया कि इस अवसर पर श्री सुमतिनाथ जैन बड़ा मंदिर ट्रस्ट की ओर से दिनेश सालेचा, नया मंदिर ट्रस्ट की ओर से सुमेरमल गुलेच्छा, डूंगरचंद गुलेच्छा, हड़मान जैन सहित अनेक वक्ताओं ने साध्वी भगवंत का स्वागत कर अपने विचार रखे।विभिन्न शहरों से उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
चातुर्मास प्रवेश के इस पावन अवसर पर केवल मदुरै ही नहीं, बल्कि चेन्नई, विजापुर, मायावरम, इंदौर और तिरुचिरापल्ली सहित कई शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिला-पुरुषों, युवाओं और बच्चों की विशाल उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
संस्थाओं का रहा सराहनीय सहयोग
आयोजन को सफल बनाने में श्री महावीर जैन सेवा मंडल, शहर के विभिन्न महिला मंडलों, बालिका मंडलों एवं श्री आदिनाथ जैन मंडल का व्यवस्थाओं में विशेष योगदान रहा।
इस दौरान ट्रस्टी मीठालाल संखलेचा, बगदावरमल हरण, शिवराज भंडारी, मनोहरमल, रतनचंद संखलेचा, मूलचंद श्रीश्रीमाल, मीठालाल सालेचा, सुरेशकुमार पटियाट, सुरेशकुमार कटारिया सिंघवी, रमेशकुमार संखलेचा, नरपतराज बागरेचा, खीमराज पटवारी, दाड़मचंद जैन, हेमराज शाहजी, लकमीचंद बाफना, विजयराज गुलेच्छा, पदमराज भंडारी, राजेन्द्र चौपड़ा, पी. रमेशकुमार संखलेचा, किशोर संखलेचा, हरीश गुलेच्छा एवं हितेश सदानी सहित विभिन्न संघों व मंडलों के गणमान्य श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में श्री साँचा सुमतिनाथ भगवान राजेन्द्र सूरी ट्रस्ट ने सभी कार्यकर्ताओं व श्रद्धालुओं का आभार जताया और चातुर्मास के दौरान आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।







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