(श्रीगंगानगर/केसरीसिंहपुर)
राजस्थान पुलिस के जांबाजों ने सरहद पार से चल रहे ड्रग्स रैकेट पर अब तक की सबसे बड़ी चोट की है! एटीएस के आईजी विकास कुमार के निर्देश पर, एन्टी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स और श्रीगंगानगर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने केसरीसिंहपुर इलाके में कार्रवाई करते हुए दो तस्करों के कब्जे से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 7.5 करोड़ रुपये मूल्य की 1 किलो 492 ग्राम हेरोइन बरामद की है। यह हेरोइन सीधे पाकिस्तान से तस्करी करके मंगवाई गई थी।

एटीएस आईजी विकास कुमार ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि डीआईजी योगेश यादव के नेतृत्व में एन्टी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और जिला पुलिस श्रीगंगानगर ने यह संयुक्त कार्रवाई की।
दिनांक 10.10.2025 की शाम को, थानाधिकारी बलवंत राम (पुनि.) मय टीम द्वारा पुलिस थाना केसरीसिंहपुर क्षेत्र में सघन नाकाबंदी की गई। घणजातिया रेलवे फाटक से मिर्जेवाला रोड पर टीम ने दो संदिग्धों को पकड़ा।
तलाशी लेने पर, उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ 1 किलो 492 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार तस्करों के नाम:
- करनजोत सिंह पुत्र श्रवण सिंह (उम्र 19 साल, निवासी खडुरसाहिब, तरनतारण, पंजाब)
- प्रभदीप सिंह पुत्र हरपालसिंह (उम्र 19 साल, निवासी खडुरसाहिब, तरनतारण, पंजाब)
आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने यह हेरोइन केसरीसिंहपुर बस अड्डे के पास दो अज्ञात व्यक्तियों से ली थी और इसे अपने तरनतारण (पंजाब) निवासी मुखिया को सौंपने वाले थे। आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना केसरीसिंहपुर में मुकदमा संख्या 241 दिनांक 11-10-2025 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत दर्ज कर लिया गया है। अनुसंधान अब पुलिस थाना श्रीकरणपुर के थानाधिकारी रामप्रताप को सौंपा गया है।
एएनटीएफ और पुलिस टीम की विशेष भूमिका:
इस ऑपरेशन में एएनटीएफ के विक्रम सिह चौहान (आरपीएस) और उनकी टीम की विशेष भूमिका रही। केसरीसिंहपुर पुलिस टीम में थानाधिकारी बलवंत राम के साथ कांस्टेबल सुरेन्द्र कुमार, प्रदीप, नत्थूराम, नन्दराम, और डी आर सुभाष शामिल रहे।
पुलिस की आमजन से अपील:
पुलिस ने युवा वर्ग से नशे से दूर रहने की अपील की है और आम जनता से आह्वान किया है कि नशा तस्करी/अवैध गतिविधियों की सूचना एटीएस नियंत्रण कक्ष (नंबर 0141-2601583) या व्हाट्सएप नंबर (9001999070) पर दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।







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