जालोर। रानीवाड़ा तहसील के भक्तो का वास डूंगरी गांव में सरकारी गौचर और औरण भूमि पर बेखौफ अतिक्रमण हो रहा है। गांव की मुख्य आबादी भूमि के चारों तरफ गौचर व औरण की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और धड़ल्ले से पक्के निर्माण हो रहे हैं। इस गंभीर मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है, लेकिन प्रशासन की ढिलाई से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

प्रशासन की मिलीभगत का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध कब्जे में स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत है। पहले ग्राम पंचायत को शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ जाहिर है कि अतिक्रमणकारी अधिकारियों के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं। गांव वालों ने बताया कि गौचर भूमि पर अतिक्रमण होने से मवेशियों के चरने की जगह खत्म हो गई है, जिससे पशुपालन पर संकट मंडरा रहा है।

कलेक्टर को चेतावनी
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में साफ शब्दों में कहा है कि वे चाहते हैं कि गौचर भूमि का तुरंत सीमांकन करवाकर अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। यह सीधे तौर पर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। क्या सरकार और प्रशासन इन गरीबों की सुनेंगे या फिर गौचर भूमि यूं ही दबंगों के हवाले होती रहेगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

इस मौके पर सुरजाराम, वखाराम, मगाराम, भेरूराम, कानाराम, छगनाराम, बाबुलाल, बाबूलाल, प्रेमाराम, तेजाराम, सरदाराराम, वागाराम, हड़ताराम, हंङाराम, दिनेश कुमार, सुखराम, तेजाराम, सुखदेव सिंह, पेलाजी, मगाराम, सोकलाराम, छगनलाल, बगाराम, पुरणराम, हंजाराम, हिराजी, सुखदेव, बाबूलाल, पारस कुमार, भीमजीराम, बबुलाल, खेताराम, प्रभूराम, वगाराम, प्रभूलाल, प्रभूराम, भंभाराम, कानाराम, वचमनारम, हङाराम, नोबतराम, भूमाराम, विरम, दिनेश, खेताराम, बाबूलाल, लसाराम, बाबूराम, लाभुराम, लादूराम, सोकलाराम, सुखदेव सिंह, गुमानाराम, जवेराराम, जेताराम, हिराजी, हीराराम मौजूद रहे।
-सर्कल न्यूज़ नेटवर्क







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां