डूंगरी में संत राजाराम के सानिध्य में वेलाणी परिवार की ओर से विशाल भजन संध्या, हजारों ने लिया धर्मलाभ
जालोर जिले के रानीवाड़ा तहसील के डूंगरी गांव में शुक्रवार की रात भक्ति, आस्था और सेवा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरा माहौल संतों के आशीर्वचनों और भजनों की स्वर लहरी में डूब गया। यह आयोजन सिर्फ एक भजन संध्या नहीं, बल्कि मानव जीवन के मूल्यों और सत्कर्मों को समर्पित एक प्रेरक अनुष्ठान बन गया।
रानीवाड़ा (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)।
रानीवाड़ा तहसील के डूंगरी में शुक्रवार रात्रि को परम पूज्य संत राजाराम महाराज और संत कृपाराम महाराज के पावन सानिध्य में एक विशाल भजन संध्या और सत्संग का दिव्य आयोजन किया गया। यह भव्य आयोजन प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी नरपत कुमार केराजी पुरोहित सहित संपूर्ण वेलाणी परिवार की ओर से किया गया, जो गोसेवा और सामाजिक कल्याण के कार्यों में वर्षों से समर्पित भाव से लगा हुआ है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में भक्ति और सेवा के संस्कारों को जीवंत बनाए रखना है।

भक्ति की अविरल धारा:
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रख्यात भजन कलाकार रामनिवास राव के सुपुत्र गजेंद्र राव ने गणेश और गुरु वंदना के साथ किया। इसके उपरांत, भजन कलाकार गजेंद्र राव और श्याम पालीवाल सहित उनकी टीम ने देर रात्रि तक एक से बढ़कर एक भजनों की लहरी बिखेर कर हजारों श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से जोड़े रखा। दोनों कलाकारों ने सामूहिक रूप से कई भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं, जिस पर पुरुष और महिलाएं झूमने को विवश हो गए और भाव-विभोर होकर नृत्य का आनंद लिया। इस दौरान बालसंत जगदीश महाराज ने भी अपनी मीठी वाणी में भजन पेश कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सत्संग: जीवन जीने का सार:
भजन संध्या के मध्य में बाल संत कृपाराम महाराज ने सत्संग के दौरान ‘मानव जीवन को कैसे जिया जाए’ इस विषय पर लंबी चर्चा की। उन्होंने कई प्रेरक उदाहरणों के साथ जीवन का सार समझाते हुए कहा कि, “कद्र जहां नहीं हो, वहां इंसान को नहीं ठहरना चाहिए। जहां मान-सम्मान हो, वहीं बैठना चाहिए।” उन्होंने सेवा, समर्पण और सद्भाव से जीवन जीने का महत्व बताया। उनके गुरु संत राजाराम महाराज ने इस अवसर पर अगले माह की एक शुभ सूचना देते हुए बताया कि डूंगरी के कडुमाता मंदिर में 2 तारीख से 7 दिन की भव्य भागवत कथा का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने सभी धर्म प्रेमियों से कथा श्रवण का लाभ लेने का आह्वान किया।

हजारों ने लिया प्रसादी का धर्म लाभ:
इससे पूर्व, शाम 7 बजे से भोजन प्रसादी का कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें आस-पास के हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ लिया। पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था का सफल संचालन संयोजक हीराभाई गोलवाड़ा ने किया।
इस पुनीत अवसर पर विकास अधिकारी नारायणसिंह राजपूरोहित, सूरजवाडा सरपंच कृष्णकुमार पुरोहित, पत्रकार और ग्राम सेवा सहकारी समिति रानीवाड़ा के चेयरमैन गुमानसिंह राव, पत्रकार रविन्द्रसिंह उमट, समाजसेवा जितेन्द्रसिंह डाभी, रमेश पी. पुरोहित, आरआई रमेश सुथार, पटवारी भरत देवासी, भावेश माहेश्वरी, बालसाध्वी पंखूबाई, जेसाराम पुरोहित, एडवोकेट जबराराम, गोभक्त नरेन्द्र पुरोहित धानोल, रणछोडाराम सेवाडिया सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। वेलाणी परिवार के इस सफल और भव्य आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक सद्भाव का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है।



