– हनुमानजी मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, साध्वी प्रज्ञा गोपाल सरस्वती के मुखारविंद से बरस रही गौ-महिमा की अमृत वर्षा
– तीन गांवों पर बालाजी महाराज की विशेष मेहरबानी, मंच पर साध्वी पंखु बाई ने उतारी आरती
रानीवाड़ा क्षेत्र के डूंगरी गांव में स्थित श्री पातालेश्वर महादेव गौशाला में गुरुवार से सात दिवसीय भव्य “श्री गौ कृपा कथा” का मंगल शुभारंभ हो गया। आयोजन के पहले ही दिन पूरा क्षेत्र गौभक्ति और धार्मिक उत्साह के रंग में सराबोर नजर आया। यह दिव्य कथा 28 मई से शुरू होकर 3 जून 2026 (बुधवार) तक चलेगी, जिसमें सुप्रसिद्ध कथावाचिका पूज्या साध्वी प्रज्ञा गोपाल सरस्वती देवीजी के मुखारविंद से श्रद्धालुओं को गौ महिमा का रसपान कराया जा रहा है।

कथा के प्रथम दिन का संपूर्ण वृत्तांत और आयोजन की विस्तृत रिपोर्ट:
1. हनुमानजी मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
कथा के पहले दिन गुरुवार सुबह 8:00 बजे हनुमानजी मंदिर से एक भव्य एवं विशाल कलश यात्रा (शोभायात्रा) निकाली गई।
- भक्ति का अनूठा संगम: पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भजन गाए।
- गांव में उत्सव का माहौल: डीजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा डूंगरी गांव गूंज उठा। जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का ऐतिहासिक स्वागत किया गया, जो मुख्य मार्गों से होती हुई कथा स्थल पहुंची।

2. “गौ माता सनातन संस्कृति का प्राण” – साध्वी प्रज्ञा गोपाल सरस्वती
पहले दिन की कथा में व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूज्या साध्वी प्रज्ञा गोपाल सरस्वती ने गौ सेवा को जीवन का परम लक्ष्य बताया।
- तीन गांवों पर बालाजी की मेहरबानी: साध्वीजी ने भावुक होते हुए कहा कि यह सामूहिक आयोजन आसपास के तीन गांवों की आस्था का केंद्र है। इन तीन गांवों पर स्वयं बालाजी महाराज (हनुमानजी) की असीम मेहरबानी बरस रही है, जिसके कारण ही इतना दिव्य अनुष्ठान संभव हो पाया है।
- गौ-चेतना का संदेश: उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने जीवन में गौ सेवा को प्राथमिकता दें, क्योंकि गौ माता की सेवा से ही राष्ट्र और समाज का कल्याण संभव है।

3. मंच पर संतों का समागम, साध्वी पंखु बाई ने उतारी आरती
कथा के प्रथम दिन मंच पर परम पूज्या साध्वी पंखु बाई भी विशेष रूप से मौजूद रहीं। दो-दो पूज्य संतों के सानिध्य से कथा स्थल का वातावरण अत्यंत दिव्य और अलौकिक हो गया। प्रथम दिन की कथा के विश्राम पर साध्वी पंखु बाई ने साध्वी प्रज्ञा गोपाल सरस्वती की भावपूर्ण आरती उतारी, जिसके बाद उपस्थित जनसैलाब ने गौ माता के गगनभेदी जयकारे लगाए।
कथा का निर्धारित समय और व्यवस्थाएं
डूंगरी गांव के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर धार्मिक समागम हो रहा है, जिसे लेकर समस्त ग्रामवासी तैयारियों में जुटे हैं:
- कथा का समय: प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।
- ग्रामवासियों की अपील: डूंगरी सहित तीनों गांवों की आयोजन समिति ने क्षेत्र के तमाम श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे प्रतिदिन समय पर पहुंचकर, परिवार सहित इस दिव्य गौ कृपा कथा का श्रवण करें और धर्म लाभ उठाएं।



