जन्मदिन पर फिजूलखर्ची से बनाई दूरी, अर्पण संस्थान में बच्चों को परोसी प्रसादी, मेघवाल छात्रावास में रोपे पौधे; शहर के गणमान्य लोगों ने साफा पहनाकर दी बधाई
भीनमाल (मुकेश सोलंकी)। अमूमन पुलिस की छवि सख्त और अनुशासन प्रिय अधिकारी की होती है, लेकिन कभी-कभी खाकी के भीतर धड़कने वाला एक संवेदनशील और मानवीय दिल समाज को नई प्रेरणा दे जाता है। ऐसा ही एक बेहद भावुक और अनुकरणीय नजारा भीनमाल में देखने को मिला, जब पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) शंकरलाल मंसूरिया ने अपने जन्मदिवस पर वीआईपी कल्चर और फिजूलखर्ची से दूर रहकर समाज के वंचित और दिव्यांग बच्चों के बीच खुशियों का मेला लगा दिया।

मासूमों की मुस्कान के बीच कटा केक, बच्चों ने दिया दुआओं का उपहार
डीएसपी मंसूरिया स्थानीय 'अर्पण दिव्यांग सेवा संस्थान' पहुंचे और वहां विशेष बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर समय बिताया। उन्होंने बच्चों के संग केक काटा और अपने हाथों से उन्हें मिठाई खिलाकर सुरुचिपूर्ण भोजन प्रसादी वितरित की। पुलिस के आला अधिकारी को अपने इतने करीब और दोस्ताना अंदाज में पाकर विशेष बच्चों का उत्साह चरम पर था। बच्चों ने तालियां बजाकर और अपनी अनमोल मुस्कान के साथ डीएसपी को जन्मदिन की बधाई दी। इस दौरान पूरा संस्थान सकारात्मक ऊर्जा और सेवा भाव से सराबोर नजर आया।

पर्यावरण का संदेश: मेघवाल छात्रावास में किया पौधरोपण
अपने जन्मदिवस को प्रकृति और समाज के लिए उपयोगी बनाने के संकल्प के साथ डीएसपी मंसूरिया इसके बाद स्थानीय मेघवाल छात्रावास पहुंचे। यहां उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण किया। इस मौके पर उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा:
"हर व्यक्ति को अपने जीवन के विशेष अवसरों—जैसे जन्मदिन या वर्षगांठ—पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। सिर्फ पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके पेड़ बनने तक एक माता-पिता की तरह उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी भी हमें उठानी होगी।"
शहर के प्रबुद्धजनों ने साफा पहनाकर जताया सम्मान
डीएसपी की इस अनूठी और प्रेरक पहल की सराहना करने के लिए शहर के कई प्रमुख व्यवसायी, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने डीएसपी मंसूरिया को साफा पहनाकर और मालाएं पहनाकर जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।
इस गरिमामयी अवसर पर संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, पूर्व खाद्य व्यापार संघ अध्यक्ष ओमप्रकाश माहेश्वरी, प्रख्यात समाजसेवी गुमानमल सेठ, सुंधा माताजी माली समाज अध्यक्ष भंवरलाल माली, बाबूलाल माली, राकेश बिश्नोई, एडवोकेट दिनेश हिंगड़ा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी, प्रबुद्ध जन और छात्रावास के छात्र उपस्थित रहे। सभी ने पुलिस उप अधीक्षक के इस सेवा कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और इसे समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया।







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