रानीवाड़ा, राजस्थान – मातृभूमि की सेवा में अपने प्राण अर्पित करने वाले वीर रमणभाई परमार का 2 जून 2025 को आकस्मिक निधन हो गया। पंसेरी गाँव की इस महान विभूति ने न केवल भारत की सीमाओं की रक्षा में अदम्य साहस दिखाया, बल्कि CRPF में रहते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ऊँचाइयाँ दीं।

बचपन से ही उनके व्यक्तित्व में साहस, निष्ठा और अनुशासन की झलक थी। उच्च शिक्षा प्राप्त कर, उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित किया। बाड़मेर, कश्मीर, भुज जैसी संवेदनशील सीमाओं पर तैनात रहकर उन्होंने देश के दुश्मनों के मंसूबों को विफल किया। उनकी वीरता और कर्तव्यपरायणता ने उन्हें ब्लैक कमांडो की विशिष्ट पहचान दिलाई। भारत के पूर्व गृह मंत्री सरदार बुटासिह की सुरक्षा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी सादगी, सरलता और अनुशासन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। वे मेघवाल समाज और पूरे मारवाड़ क्षेत्र के लिए गौरव का विषय हैं। उनके योगदान को गाँव-गाँव में सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।
आज जब उनका अंतिम संस्कार पैतृक गाँव पंसेरी में हुआ, तो समूचे क्षेत्र ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।

उनकी वीरता और राष्ट्रभक्ति की गाथा सदैव अमर रहेगी।
रमणभाई परमार अमर रहें! 🇮🇳🙏







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