भीनमाल. माली समाज युवा संस्थान भीनमाल की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो रहे हैं। कथा में ऋषि ज्ञान आत्मानन्द महाराज अपने प्रवचनों के माध्यम से बालकों को जीवन के व्यवहारिक व सामाजिक संस्कार सीखा रहे हैं, वहीं बुजुर्गों के लिए आत्मज्ञान की अमृतवर्षा कर रहे हैं।
आयोजन समिति के प्रतिनिधि सीएल गहलोत ने बताया कि यह सात दिवसीय कथा नगर में आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनी हुई है। कथा में नगर सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

5 जुलाई को पूर्णाहुति और विशाल महाप्रसादी
गहलोत ने बताया कि कथा की पूर्णाहुति 5 जुलाई को विधिविधान से की जाएगी। इस अवसर पर भव्य हवन-यज्ञ का आयोजन होगा। पूर्णाहुति उपरांत विशाल महाप्रसादी का आयोजन रखा गया है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। आयोजन समिति ने नगरवासियों और समाजबंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है।
बालिका छात्रावास निर्माण में सहयोग करने वालों का सम्मान
कथा कार्यक्रम के दौरान बालिका छात्रावास के निर्माण में योगदान देने वाले भामाशाहों और दानवीरों का सार्वजनिक रूप से सम्मान किया जाएगा। गहलोत ने बताया कि छात्रावास के कक्षों के निर्माण हेतु भामाशाहों ने महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग प्रदान किया है।
आत्मानन्द महाराज करेंगे सम्मान
सभी भामाशाहों का सम्मान ऋषि ज्ञान आत्मानन्द महाराज के करकमलों से किया जाएगा। आयोजन समिति की ओर से सभी सहयोगियों का विशेष आभार व्यक्त किया जाएगा।
कथा संचालन में भजन और सत्संग की गूंज
कार्यक्रम का संचालन कवि दिनेश्वर माली रोहिड़ा द्वारा किया जा रहा है। प्रतिदिन सायंकालीन सत्र में भजन-सत्संग की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि भजन और सत्संग ही आत्मकल्याण का मार्ग हैं। उन्होंने कहा कि जीवन की उम्र और समय देखते ही देखते गुजर जाते हैं, इसलिए समय रहते प्रभु भक्ति में मन लगाना चाहिए।
नारी के सम्मान पर दिया विशेष संदेश
कथा के दौरान आत्मानन्द महाराज ने समाज को नारी के सम्मान का संदेश देते हुए कहा कि नारी नारायणी का ही स्वरूप है। मां, बहन, बहू और बेटी के रूप में नारी परिवार और समाज के कल्याण की नींव रखती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि समाज में नारी के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखें और उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास करें।
भक्तिमय वातावरण में उमड़ा जनसैलाब
कथा पांडाल में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ लिया। आयोजकों ने बताया कि कथा का समापन दिवस विशेष उत्साह और भव्यता से मनाया जाएगा। (एडिटर - गुमान सिंह राव रानीवाडा)







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