जल जीवन मिशन में लापरवाही की कीमत भारी — तीन अभियंता जांच के घेरे में!
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क जयपुर, 02 नवम्बर। राजकीय कार्यों में पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक बार फिर कड़ा रुख दिखाया है। भ्रष्ट, लापरवाह और अनुशासनहीन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखते हुए, मुख्यमंत्री ने 8 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए राज्य सेवा के कुल 13 कार्मिकों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंज़ूरी दी है।
📍 कार्रवाई की मुख्य बातें (Khaas Khabar)
मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित किए गए फैसलों में सबसे प्रमुख कार्रवाई जल जीवन मिशन (JJM) में अनियमितताओं से जुड़ी है।
- JJM अनियमितताएँ: भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 17-ए के तहत जल जीवन मिशन की निविदाओं में गड़बड़ी के एक मामले में 03 अभियंताओं के विरुद्ध विस्तृत जांच और अनुसंधान करने का पूर्वानुमोदन किया गया है।
- दण्डित अधिकारी: सेवारत अधिकारियों के 02 प्रकरणों में अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए वार्षिक वेतन वृद्धियाँ रोकने के दण्ड से दण्डित किया गया है।
- सेवानिवृत्त पर गाज: एक सेवानिवृत्त अधिकारी के विरुद्ध राज्यपाल से अनुमोदित प्रकरण में पेंशन रोके जाने के दण्ड से दण्डित किया गया है।
- अपील ख़ारिज: सीसीए नियम 34 के तहत दायर 02 अपील याचिकाओं को ख़ारिज करते हुए पूर्व में दिए गए दण्ड को यथावत रखा गया है, जो यह दर्शाता है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- राज्यपाल को अग्रषित: एक अन्य प्रकरण (नियम 16 सीसीए) में प्रमाणित आरोपों की जांच निष्कर्ष का अनुमोदन करते हुए इसे राज्यपाल के अनुमोदन हेतु अग्रेषित किया गया है।
मुख्यमंत्री का यह सख्त कदम राजकीय कार्यों में जवाबदेही और ईमानदार कार्यशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक स्पष्ट संदेश है।







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