झेरडा-मण्डार-रेवदर फोरलेन और बाईपास को जल्द मिलेगी वित्तीय हरी झंडी, गुलाबगंज-आबूराज रोड की डीपीआर के टेंडर के लिए भी कसी कमर
विशेष प्रतिनिधि द्वारा जयपुर/सिरोही। जालोर-सिरोही लोकसभा क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने और क्षेत्र की जनता को आए दिन होने वाले सड़क हादसों व जाम के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए सांसद लुम्बाराम चौधरी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राजधानी जयपुर के सियासी गलियारों से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक सांसद चौधरी ने क्षेत्र की दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए पैरवी तेज कर दी है।
सांसद लुम्बाराम चौधरी ने झेरडा-मण्डार-रेवदर सिरोही राष्ट्रीय राजमार्ग पर फोरलेन व बाईपास निर्माण को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा। इसके साथ ही, गुलाबगंज-आबूराज रोड की डीपीआर के टेंडर जल्द से जल्द जारी करवाने के लिए प्रदेश की उप मुख्यमंत्री व सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दीया कुमारी से भी विशेष मुलाकात की।
फाइलें आगे बढ़ीं, अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार
सांसद चौधरी ने मुख्य अभियंता को सौंपे पत्र में पूरी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया का ब्योरा देते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-168 (झेरडा-मण्डार-रेवदर सिरोही) पर फोरलेन और मण्डार, रेवदर व सिरोही के पास बाईपास निर्माण के लिए 4 अक्टूबर 2024 को निविदा आमंत्रित की गई थी। इसके बाद राजमार्ग मंत्रालय ने 25 फरवरी 2025 को $132.31$ लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की थी, जिसके तहत 23 अप्रैल 2025 को संवेदक (ठेकेदार) को डीपीआर बनाने का वर्क ऑर्डर दिया गया था।
संवेदक द्वारा सर्वे और डीपीआर तैयार होने के बाद, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (PWD, राष्ट्रीय राजमार्ग जोन-जोधपुर) ने 13 मार्च 2026 को पत्र जारी कर 16.03.2026 को यह डीपीआर मुख्य अभियंता कार्यालय में स्वीकृति के लिए भिजवा दी है। अब केवल इस पर अंतिम प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलना शेष है, जिसके लिए सांसद ने अधिकारियों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।
प्रयासों ने भी रंग दिखाया
क्षेत्र के इस बड़े प्रोजेक्ट को गति देने और इसके तकनीकी पहलुओं को मजबूती से सरकार के सामने रखने में स्थानीय स्तर पर सांसद के प्रयासों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके द्वारा लगातार क्षेत्र की इस मांग को प्रमुखता से उठाने और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बिठाने के कारण ही आज यह प्रोजेक्ट इस मुकाम तक पहुंच पाया है।
इस निर्माण से क्या होगा फायदा?
- हादसों पर लगेगी लगाम: वर्तमान में इस मार्ग पर यातायात का भारी दबाव रहता है। संकरे रास्ते और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण आए दिन दर्दनाक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें जनहानि हो रही है। फोरलेन बनने से सफर सुरक्षित होगा।
- जाम से मिलेगी मुक्ति (बाईपास का तोहफा): मण्डार, रेवदर और सिरोही शहरों के भीतर से गुजरने वाले भारी ट्रैफिक के कारण स्थानीय निवासियों को रोजाना भीषण जाम से जूझना पड़ता है। इन तीनों कस्बों/शहरों के पास बाईपास बनने से भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे, जिससे स्थानीय यातायात सुगम होगा।
- व्यापार और पर्यटन को गति: यह राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरात सीमा से सटा होने के कारण व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क चौड़ी होने से मालवाहक वाहनों का आवागमन आसान होगा और समय की बचत होगी, जिससे स्थानीय व्यापार और माउंट आबू आने वाले पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा।



