कृष्ण देवासी पर प्राणघातक हमले के विरोध में उमड़ा जनसैलाब; मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 5 सूत्री ज्ञापन, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चक्का जाम की चेतावनी
भीनमाल। शहर के युवा कृष्ण देवासी पर हुए प्राणघातक हमले के विरोध में गुरुवार को भीनमाल पूरी तरह बंद रहा। संयुक्त व्यापार संघ के आह्वान पर आयोजित इस बंद को सर्वसमाज और व्यापारियों का अभूतपूर्व समर्थन मिला। सुबह से ही शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों की छोटी-मोटी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। अपराधियों की धरपकड़ और चरमराती कानून व्यवस्था के खिलाफ हजारों की संख्या में आक्रोशित लोग धरना स्थल पर एकत्र हुए, जिससे पूरा भीनमाल छावनी में तब्दील नजर आया।
मंच से गरजे नेता: "यह भीनमाल की सामाजिक व्यवस्था को चुनौती"
धरना स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने पुलिस प्रशासन और बढ़ते अपराधों को लेकर तीखे तेवर दिखाए।
- सुरेश बंजारा (भाजपा युवा नेता): "प्रशासन लगातार कार्रवाई के खोखले दावे कर रहा है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस परिणाम नहीं दिख रहे। अधिकारियों को सार्वजनिक मंच पर आकर अब तक की प्रगति का खुलासा करना चाहिए।"
- भरतसिंह भोजानी (भाजपा नेता): "भीनमाल के इतिहास में यह सबसे गंभीर और कायराना वारदातों में से एक है। केवल औपचारिक जांच से काम नहीं चलेगा, मुख्य आरोपियों की जेल की सलाखों के पीछे रवानगी ही न्याय का पहला कदम होगी।"
- नरेश अग्रवाल (अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार महासंघ): "सरेआम किसी नागरिक की हत्या का प्रयास होना पूरे समाज के लिए एक गंभीर अलार्म है। इस बंद की सफलता भीनमाल की एकजुटता का प्रमाण है।"
- सांवलाराम देवासी (पूर्व प्रदेशमंत्री, भाजपा): "भीनमाल भाईचारे और शांति की धरती है, यहां अपराधियों के पनपने के लिए कोई जगह नहीं है। इसके लिए सख्त प्रशासनिक इच्छाशक्ति की दरकार है।"
- पूराराम चौधरी (पूर्व विधायक): "मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। जनता धैर्य बनाए रखे, लेकिन यदि जल्द ही मुख्य आरोपी नहीं पकड़े गए तो आंदोलन को और उग्र और व्यापक रूप दिया जाएगा।"

आक्रोशित जुलूस और 5 सूत्री मांग पत्र
सभा के बाद धरना स्थल से गगनभेदी नारों के साथ एक विशाल जुलूस रवाना हुआ, जो पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करता हुआ एडीएम कार्यालय पहुंचा। वहां मुख्यमंत्री के नाम एडीएम डॉ. पूजा सक्सेना और एसडीएम (IAS) मोहित कासनियां को एक 5 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।
प्रमुख मांगें:
- कृष्ण देवासी हमले के मुख्य आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और कठोरतम सजा।
- शहर में बढ़ रही चोरी और लूट की वारदातों पर प्रभावी अंकुश।
- अवैध नशे के कारोबार और तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई।
- भीनमाल शहर में लंबे समय से बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को तुरंत दुरुस्त कर निगरानी तंत्र मजबूत करना।

चेतावनी: यदि प्रशासन ने तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं की, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन, चक्का जाम और अनिश्चितकालीन भीनमाल बंद किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
सर्व समाज की एकजुटता बनी चर्चा का विषय
इस ऐतिहासिक आंदोलन में भीनमाल का सामाजिक ताना-बाना पूरी तरह एकजुट नजर आया। धरने में पूर्व विधायक पूराराम चौधरी, पूर्व चेयरमैन सांवलाराम देवासी, व्यापार संघ अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, भाजपा नेता शेखर व्यास, समाजसेवी प्रेमाराम बंजारा, जयरूपाराम माली, नरेश सुखाड़िया, भोपाल सिंह दुधवा, संदीप देसाई, महेंद्र सोलंकी, पारसमल मोदी, ओमप्रकाश माहेश्वरी, श्रवणसिंह राव, डॉ. रमेश देवासी, रमेश राजपुरोहित, सीपी सोनी, पूनमाराम मोदी, देवाराम चौहान, भाजपा नगर अध्यक्ष प्रवीण दवे, महादेवाराम घांची, गोपाल वैष्णव, अशोक धारीवाल, नारायणलाल जांगिड़, दिनेश भाटी, भगवानदास राठी, नानजीराम देवासी, दिनेश सोनी चाटवाड़ा, बिंजलाराम देवासी, जोगाराम देवासी और कपूराराम जीनगर सहित हजारों की संख्या में सर्वसमाज के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

पुलिस का पक्ष: 3 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना की लोकेशन ट्रेस हो रही है
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धरना स्थल पर पहुंचे पुलिस उप अधीक्षक (डिप्टी एसपी) शंकरलाल मंसूरिया ने व्यापारियों और समाज के प्रतिनिधियों से लंबी वार्ता की।
डिप्टी एसपी मंसूरिया ने बताया कि, "गत 22 मई को हुई इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन अत्यंत गंभीर है। अब तक मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ संदिग्धों को साक्ष्य न मिलने पर छोड़ा गया है। मुख्य आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीमें तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही हैं। जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जल्द ही पुलिस इस मामले का तार्किक निष्कर्ष निकालेगी।" पुलिस ने आमजन से भी आरोपियों के संबंध में कोई भी पुख्ता सूचना साझा करने की अपील की है।







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