Circle News Network | "शपथ ग्रहण समारोह: रघुनाथ सियाक बने अध्यक्ष और श्रवण ढाका ने संभाली सचिव की जिम्मेदारी, भीनमाल बार में उत्साह" "Bar and Bench का समन्वय क्यों है जरूरी? देखिए भीनमाल से सीधी रिपोर्ट"
भीनमाल। न्याय के मंदिर में जब कानून के प्रहरी अपनी निष्ठा की शपथ लेते हैं, तो यह केवल एक पदभार ग्रहण करने का उत्सव नहीं, बल्कि आम आदमी के विश्वास को अक्षुण्ण बनाए रखने का एक पवित्र वादा बन जाता है। नाहर बैंक्वेट में गुरुवार को बार एसोसिएशन भीनमाल का शपथ ग्रहण समारोह इसी गौरवशाली परंपरा का गवाह बना। फूलों की महक और जयघोष के बीच, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि उनकी कलम और पैरवी हमेशा पीड़ितों को न्याय दिलाने और कानून के शासन को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित रहेगी।

मंत्री जोगाराम पटेल का आह्वान: "लोकतंत्र की रक्षा अधिवक्ताओं के हाथों में"
समारोह के मुख्य अतिथि और राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने अपने जोशीले संबोधन में कहा कि न्याय व्यवस्था की असली ताकत बार और बेंच का अटूट समन्वय है। उन्होंने कहा कि एक अधिवक्ता केवल अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि वह समाज में सत्य की आवाज होता है। पटेल ने नवनिर्वाचित टीम को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भीनमाल बार ने हमेशा अपनी एकजुटता और गरिमा से प्रदेश में मिसाल पेश की है।

न्यायिक और प्रशासनिक दिग्गजों का जमावड़ा
न्यायपालिका की गरिमा को चार चांद लगाने के लिए मंच पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (कौशल) राजेंद्र साऊ और अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश महेन्द्र कुमार टांक जैसे व्यक्तित्व मौजूद रहे। न्यायिक मजिस्ट्रेट मदनसिंह चौधरी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. पूजा सक्सेना ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशिष्ट बनाया। सभी ने एक स्वर में कहा कि सुलभ न्याय की कुंजी वकीलों की सक्रियता और ईमानदारी में छिपी है।

इन महारथियों ने ली शपथ: अब इनके कंधों पर बार की कमान
मुख्य चुनाव अधिकारी सैयद अजमत अली ने पूरे उत्साह के साथ निर्वाचित पदाधिकारियों को पद की गोपनीयता की शपथ दिलाई:
- अध्यक्ष: रघुनाथ सियाक
- सचिव: श्रवण ढाका
- उपाध्यक्ष: मोहम्मद यूनिस
- कोषाध्यक्ष: राहुल गोस्वामी
- सह-सचिव: दिनेश हिगड़े
- पुस्तकालय अध्यक्ष: संकेत बोहरा
- सहायक: अभयसिंह राव
विधि ज्ञान बॉक्स: डिग्री बनाम लाइसेंस क्या आप जानते हैं कि LLB डिग्री और 'एडवोकेट' शब्द में गहरा अंतर है?
- Law Graduate: जब आप 3 या 5 साल की कानून की पढ़ाई पूरी करते हैं, तो आप केवल एक 'लॉ ग्रेजुएट' होते हैं।
- Advocate: कोर्ट में काला कोट पहनकर पैरवी करने और नाम के आगे 'एडवोकेट' लिखने का अधिकार तभी मिलता है जब आप State Bar Council में अपना एनरोलमेंट कराते हैं और निर्धारित समय के भीतर AIBE की परीक्षा पास कर लेते हैं। बिना पंजीकरण के कानूनी सलाहकार (Legal Consultant) तो बना जा सकता है, लेकिन 'एडवोकेट' नहीं। इसलिए सिर्फ LLB डिग्री वाले advocate नहीं लगा सकते।
विधि जगत के सितारों की मौजूदगी
इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए भीनमाल के कई वरिष्ठ और युवा अधिवक्ता मौजूद रहे। इनमें ईश्वर सिंह देवड़ा, शैलेन्द्रसिंह राठौड़, जयकिशन भादु, शिवनारायण बिश्नोई, टिकमसिंह सिसोदिया, बालूराम चौधरी, अशोक सिंह ओपावत, रणजीतसिंह भाटी, गोदाराम मेघवाल, ललित भंडारी, दिनेश बोहरा, नन्दकिशोर दवे, सुरेश बोहरा, सत्यवान सिंह राजपुरोहित, प्रिंस शर्मा, भवरपालसिंह रोहण और किशोर फुलवारियां सहित अन्य साथियों ने नई कार्यकारिणी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
न्याय की राह पर नई उम्मीद
भीनमाल बार एसोसिएशन का यह शपथ ग्रहण समारोह एक नई ऊर्जा के संचार के साथ संपन्न हुआ। जिस उत्साह के साथ रघुनाथ सियाक और उनकी टीम ने बागडोर संभाली है, उससे यह स्पष्ट है कि आगामी कार्यकाल में न केवल अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि कोर्ट परिसर में कार्यप्रणाली और भी पारदर्शी व जनहितैषी बनेगी। जब कानून के रखवाले अपनी जिम्मेदारी के प्रति इतने सजग हों, तो न्याय की मशाल कभी मद्धम नहीं पड़ सकती।







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