बड़ी खबर: सांसद लुम्बाराम चौधरी की पैरवी के बाद DPR के टेंडर जारी, जयपुर पहुंची फाइल
पत्रिका न्यूज नेटवर्क सिरोही/आबूरोड। आजादी के बाद से जिस सड़क का सपना सिरोही और रेवदर की जनता देख रही थी, अब वह हकीकत में बदलने जा रहा है। दिल्ली-कांडला फोरलेन को सीधे पर्यटन नगरी माउंट आबू से जोड़ने के लिए गुलाबगंज से माउंट आबू तक 325 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सड़क का निर्माण होगा। सांसद लुम्बाराम चौधरी के प्रयासों से इस प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंसी और प्रोजेक्ट रिपोर्ट के टेंडर खोल दिए गए हैं। अब वर्क ऑर्डर जारी होने के लिए फाइल जयपुर मुख्यालय पहुंच चुकी है।
दूरी होगी आधी, समय की भारी बचत अभी सिरोही से माउंट आबू जाने के लिए यात्रियों को वाया आबूरोड होकर 100 किमी का लंबा चक्कर काटना पड़ता है। इस नई सड़क के निर्माण के बाद यह दूरी घटकर मात्र 55 किमी रह जाएगी। यानी सीधे 45 किमी की कमी आएगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों का समय और ईंधन दोनों बचेगा।
इनका संघर्ष हुआ सफल इस सड़क की मांग पिछले साढ़े सात दशकों से की जा रही थी। इसके लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले स्व. कान्तिलाल दोषी, बाबूलाल मुथा और पत्रकार तुलसीराम चौहान की मेहनत अब रंग लाती दिख रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि डबल इंजन सरकार ने इस लंबित मांग को स्वीकार कर दिवंगत संघर्षियों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
सड़क की खासियतें:
- लागत: ₹325 करोड़ (अनुमानित)
- प्रकार: अत्याधुनिक डबल पेवर (सपाट मार्ग)
- कनेक्टिविटी: दिल्ली-कांडला फोरलेन से सीधा जुड़ाव।
- फायदा: रेवदर और सिरोही क्षेत्र के आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार।
अधिकारियों ने पैदल नापा रास्ता प्रोजेक्ट की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पीडब्ल्यूडी (PWD) सिरोही के XEN दामोदर देवासी और आबूरोड के XEN रमेश कुमार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर पैदल सर्वे किया है। अधिकारियों ने सड़क के एलाइनमेंट और तकनीकी पहलुओं को बारीकी से परखा है।
[सांसद का कहना]
“हमारा लक्ष्य सिरोही के हर क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ना है। गुलाबगंज-माउंट आबू सड़क न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय व्यापार की तस्वीर बदल देगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जल्द ही धरातल पर काम दिखेगा।” — लुम्बाराम चौधरी, सांसद, जालोर-सिरोही
सर्किल न्यूज नेटवर्क



