ग्रामीण सेवा शिविर-2026: चाटवाड़ा (रानीवाड़ा) में गरीब परिवार को मिला 5 लाख के मुफ्त इलाज का संबल
रानीवाड़ा/जालौर। कहते हैं कि जब उम्मीद की डोर टूटने लगे और गरीबी के अंधेरे में कोई राह न सूझे, तब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं किसी फरिश्ते की तरह आकर जीवन में उजियारा भर देती हैं। कुछ ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला रानीवाड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चाटवाड़ा में आयोजित 'ग्रामीण सेवा शिविर 2026' के दौरान, जहां एक बेबस आंख की बेबसी, पलभर में कृतज्ञता के आंसुओं में बदल गई।
बीमारी का डर और गरीबी का दर्द
स्थानीय चाटवाड़ा निवासी रूपाराम देवासी का परिवार पिछले लंबे समय से आर्थिक तंगहाली से जूझ रहा था। परिवार में बीमारी ने दस्तक दी, तो इलाज का खर्च देखकर रूपाराम के पैर तले जमीन खिसक गई। मजदूरी से जैसे-तैसे घर का चूल्हा जलता था, ऐसे में हजारों-लाखों का इलाज करवाना इस गरीब परिवार के लिए एक ऐसा सपना था जो उनकी पहुंच से कोसों दूर था। पैसे के अभाव में इलाज न मिल पाने के कारण पूरा परिवार गहरे मानसिक और शारीरिक तनाव से गुजर रहा था।
शिविर बना वरदान, डॉ. गणपत की सजगता से मिली नई जिंदगी
चाटवाड़ा मुख्यालय पर जब राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन हुआ, तो रूपाराम भी अपनी आस लेकर वहां पहुंचा। शिविर में तैनात सजग और संवेदनशील चिकित्सा अधिकारी डॉ. गणपत की नजर जब इस बेबस परिवार पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा।
डॉ. गणपत ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए रूपाराम के परिवार के दस्तावेज खंगाले और मौके पर ही मुस्तैदी दिखाते हुए 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (PM-JAY) के तहत उनके पूरे परिवार का पंजीकरण सुनिश्चित करवाया। डॉ. गणपत और उनकी टीम के इस भगीरथ प्रयास से रूपाराम को पूरे परिवार के लिए 5 लाख रुपये तक के मुफ्त कैशलेस इलाज की सौगात हाथों-हाथ मिल गई।
भजनलाल सरकार और प्रशासन का जताया आभार
मुफ्त इलाज का यह अधिकार-पत्र (आयुष्मान कार्ड) हाथ में आते ही रूपाराम और उसके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। अब यह परिवार बिना किसी कर्ज या डर के 5 लाख रुपये तक का बेहतर इलाज मुफ्त में करवा सकेगा।
इस बड़ी राहत पर रूपाराम देवासी ने भावुक होते हुए कहा—
"यह शिविर हम जैसे गरीबों के लिए साक्षात ईश्वर का वरदान साबित हुआ है। अगर आज यह शिविर न होता और डॉ. गणपत साहब का सहयोग न मिलता, तो मैं अपने परिवार का इलाज कभी नहीं करा पाता।"
पीड़ित परिवार ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की राज्य सरकार, स्थानीय उपखंड प्रशासन, जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
ग्रामीण सेवा शिविरों से बदल रही है जमीनी हकीकत
चाटवाड़ा में आयोजित इस शिविर ने यह साबित कर दिया है कि राज्य सरकार के 'ग्रामीण सेवा शिविर 2026' केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। एक ही छत के नीचे प्रशासन और चिकित्सा विभाग की मौजूदगी से ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है और मौके पर ही समस्याओं का स्थाई समाधान हो रहा है।







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