जालौर जिले के सिलासन गांव में रेवाराम हरिजन को मिला प्रॉपर्टी कार्ड, सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी की मेहनत लाई रंग
सिलासन (जालौर), 2 जुलाई 2025
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना और राजस्थान सरकार की दृढ़ संकल्पशक्ति ने ग्रामीण भारत के लाखों परिवारों के जीवन में नई आशा का संचार किया है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों को उनकी जमीन का वैधानिक मालिकाना हक प्रदान कर आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की राह प्रशस्त कर रही है। ड्रोन सर्वेक्षण की आधुनिक तकनीक से आबादी भूमि का सीमांकन कर प्रॉपर्टी कार्ड और पट्टे वितरित किए जा रहे हैं, जो ग्रामीणों को उनके सपनों को साकार करने का सुनहरा अवसर दे रहे हैं। राजस्थान सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा (24 जून से 9 जुलाई 2025) के दौरान इस फ्लैगशिप योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए।
ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है जालौर जिले की रानीवाड़ा पंचायत समिति के ग्राम सिलासन निवासी रेवाराम हरिजन की, जिनके चेहरे पर अपने घर का पट्टा पाकर खुशी की लहर दौड़ उठी। इस उपलब्धि में सिलासन ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी के सहयोग ने अहम भूमिका निभाई।

सपनों को हकीकत में बदलता स्वामित्व
रानीवाड़ा पंचायत समिति के सिलासन गांव में रहने वाले रेवाराम हरिजन, पुत्र जगाराम, एक साधारण परिवार से हैं। वर्षों से वह अपने परिवार के साथ आबादी भूमि पर बने कच्चे मकान में रह रहे थे, लेकिन उनके पास अपने घर का कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं था। इस कमी ने उन्हें सामाजिक असुरक्षा और बैंक ऋण जैसे आर्थिक अवसरों से वंचित रखा। लेकिन स्वामित्व योजना ने उनके जीवन में नया सवेरा ला दिया। 2 जुलाई 2025 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा के तहत सिलासन ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित शिविर में रेवाराम को उनकी आबादी भूमि पर बने मकान का प्रॉपर्टी कार्ड और पट्टा सौंपा गया। इस प्रक्रिया में सरपंच वरदाराम माली ने ग्राम सभा में ड्रोन सर्वे के नक्शों के सत्यापन और पट्टा वितरण को तेजी से पूरा करने में नेतृत्व प्रदान किया। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी भंवर पूरी गोस्वामी ने प्रशासनिक समन्वय और ग्रामीणों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रेवाराम ने जब अपने हाथों में पट्टा थामा, तो उनके चेहरे पर मुस्कान और आंखों में आत्मविश्वास की चमक साफ दिखाई दी। उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रेवाराम ने भावुक होकर कहा, “राजस्थान सरकार और भारत सरकार ने मुझे मेरे घर का हक देकर मेरे परिवार को नया जीवन दिया। मैं सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। अब मैं इस पट्टे के आधार पर बैंक से ऋण लेकर अपने कच्चे मकान को पक्का करूंगा।
” ग्रामीण सशक्तिकरण का मजबूत आधार
स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वेक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी भूमि का सटीक सीमांकन किया जाता है। इसके बाद ग्राम पंचायतों के सहयोग से प्रॉपर्टी कार्ड और पट्टे तैयार किए जाते हैं, जो परिवारों को उनकी जमीन का वैधानिक हक प्रदान करते हैं। यह दस्तावेज संपत्ति को सुरक्षित करने के साथ-साथ बैंक ऋण और अन्य वित्तीय लाभों के लिए पात्रता प्रदान करता है। सिलासन में ग्राम पंचायत के समर्पित प्रयासों ने इस प्रक्रिया को सुगम बनाया, जिससे रेवाराम जैसे कई परिवारों को समय पर उनके अधिकार मिले।
सिलासन ग्राम पंचायत: एक मिसाल
सिलासन ग्राम पंचायत ने स्वामित्व योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में अनुकरणीय कार्य किया। सरपंच वरदाराम माली ने ग्रामीणों को योजना के लाभों के बारे में जागरूक किया और नक्शों के सत्यापन में उनकी सहभागिता सुनिश्चित की। ग्राम विकास अधिकारी भंवर पूरी गोस्वामी ने ड्रोन सर्वे, नक्शा सत्यापन और पट्टा वितरण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने में प्रशासनिक कुशलता दिखाई। उनके संयुक्त प्रयासों ने सिलासन के कई परिवारों को समय पर उनके मालिकाना हक के दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिससे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
राजस्थान सरकार की प्रतिबद्धता
राजस्थान सरकार ने स्वामित्व योजना को लागू करने में अभूतपूर्व सक्रियता दिखाई। ड्रोन सर्वेक्षण के लिए आधुनिक तकनीक, ग्राम पंचायतों के साथ प्रभावी समन्वय और जागरूकता कार्यक्रमों ने इस योजना को और प्रभावी बनाया। जालौर जिले की रानीवाड़ा पंचायत समिति में सिलासन जैसे गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य तेजी से पूरा हुआ और ग्राम पंचायतों के माध्यम से पट्टों का वितरण सुनिश्चित किया गया। यह राजस्थान सरकार की उस दृष्टि का परिणाम है, जो ग्रामीण भारत के अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है।
नई सुबह की शुरुआत
रेवाराम हरिजन की कहानी उन लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो स्वामित्व योजना के माध्यम से अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। यह योजना गरीब और वंचित परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। रेवाराम ने कहा, “यह पट्टा मेरे लिए सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि मेरे परिवार के बेहतर भविष्य का आधार है।” रेवाराम की यह कहानी न केवल उनके परिवार की जीत है, बल्कि ग्राम पंचायत के समर्पित नेतृत्व और राजस्थान सरकार की प्रतिबद्धता की जीत है। स्वामित्व योजना के तहत रेवाराम जैसे लाखों लोग अब अपने घर के मालिक हैं, और उनके चेहरों की मुस्कान इस योजना की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।



