MGGS बड़गांव में छाई बड़ी लापरवाही: सोचिए... अगर तार टूटकर शौचालय पर गिर गया तो मासूमों की जान का क्या होगा? क्या किसी बड़ी त्रासदी के बाद जागेगा सुस्त प्रशासन?
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क रानीवाड़ा। ( विक्रम बडगांव) शिक्षा के मंदिर में मासूम बच्चों की जिंदगी किस कदर दांव पर लगी है, इसकी रोंगटे खड़े कर देने वाली नजीर बड़गांव के मामा कॉलोनी स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (MGGS) में देखने को मिल रही है। यहां 11 केवी की बेहद घातक और हाई-वोल्टेज विद्युत लाइन ठीक उस शौचालय के ऊपर से गुजर रही है, जिसका उपयोग रोजाना छोटे-छोटे नौनिहाल करते हैं।
जरा सोचिए, यदि अनहोनी के वक्त ऊपर से गुजर रहा यह जर्जर विद्युत तार टूटकर सीधे शौचालय की छत या बच्चों पर गिर जाए, तो चंद सेकंड में कितनी भीषण और हृदयविदारक त्रासदी घट सकती है! 11 केवी लाइन का करंट पलक झपकते ही मासूमों को जिंदा भस्म करने की ताकत रखता है। ऐसी स्थिति में सोचकर ही रूह कांप उठती है कि उस वक्त वहां मौजूद बच्चों का क्या हश्र होगा? ऐसी जानलेवा और घोर लापरवाही किसी भी कीमत पर विद्या के मंदिरों में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

हादसा हुआ तो कौन लेगा मासूमों की मौत की जिम्मेदारी? विद्यालय में सैकड़ों बच्चे पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं और हर पल इस मंडराते मौत के साये के बीच रहने को मजबूर हैं। स्पार्किंग, शॉर्ट-सर्किट या तेज हवा में तार टूटने जैसी जरा सी चूक पल भर में कई चिराग बुझा सकती है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठे हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों में इस स्थिति को लेकर जबरदस्त रोष और डर का माहौल है।

त्वरित एक्शन की मांग: या तो लाइन हटाओ या शौचालय! अभिभावकों व स्थानीय ग्रामीणों ने पुरजोर मांग उठाई है कि शिक्षा विभाग और विद्युत निगम तुरंत संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर जायजा लें। बिना किसी देरी के या तो इस 11 केवी लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, या फिर शौचालय को किसी अन्य सुरक्षित जगह स्थानांतरित किया जाए।

"किसी बहुत बडे हादसे का इंतजार किए बिना प्रशासन को तुरंत हरकत में आना चाहिए। नौनिहालों की सुरक्षा से खिलवाड कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, प्रशासन जल्द से जल्द सुरक्षा पुख्ता करे।" - विक्रम कुमार, अभिभावक









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