गुणवत्ता सुधार और मार्केट लिंकिंग के गुर सीखकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम; नैबकॉन्स और राजीविका का संयुक्त प्रयास
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क | सरनाऊ/जालोर
राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) पहल के तहत सरनाऊ ब्लॉक में महिला उद्यमियों (SHG) के लिए आयोजित तीन दिवसीय गुणवत्ता आश्वासन एवं गुणवत्ता प्रबंधन (QA–QC) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापर्वक समापन हुआ। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के व्यवसायों में गुणवत्ता लाना और उन्हें एमएसएमई (MSME) सेक्टर में मजबूती से स्थापित करना था।

बाजार की मांग के अनुसार तैयार हों उत्पाद नैबकॉन्स (नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज) के प्रतिनिधि प्रवीण कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को तकनीकी बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि आज के दौर में उत्पाद की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग का भी उतना ही महत्व है। प्रतिभागियों को मानक अनुपालन (Standard Compliance), मार्केट लिंकिंग और उद्यम प्रबंधन के व्यावहारिक गुर सिखाए गए, ताकि उनके उत्पाद बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
आत्मनिर्भरता ही सशक्तिकरण की कुंजी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. मानवेंद्र बिश्नोई ने महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण महिलाओं को न केवल हुनरमंद बनाते हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर परिवार और समाज में उनका कद भी बढ़ाते हैं।
सरकार की योजनाएं बन रही हैं संबल कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व जिला परिषद सदस्य (जालोर) शंकर देवासी ने कहा कि राजस्थान सरकार महिलाओं के कल्याण और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाएं और खुद को छोटे उद्योगों से जोड़ें।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राजीविका ब्लॉक समन्वयक (सरनाऊ) सवाराम उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जबराराम देवासी, विमला बिश्नोई, विक्रम, लक्ष्मण, निरमा, गट्टू कुमारी और मास्टर ट्रेनर राजेश सहित कई गणमान्य लोग और SHG महिलाएं मौजूद रहीं।







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