1. टेलीग्राम चैट में चीन से पाकिस्तान शिफ्ट हो रहे साइबर गिरोह का खुलासा
2. राजस्थान के रामस्वरूप, सागर और गुजरात के संजय गब्बू गिरफ्तार, तीन वांटेड
3. बैंक किट, सिम कार्ड और क्रिप्टो के जरिए 508 साइबर ठगी केसों की पुष्टि
सूरत क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के V नेटवर्क से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले चैट्स और स्क्रीनशॉट्स ने इस गिरोह की जड़ें म्यांमार, पाकिस्तान और चीन तक फैली होने की पुष्टि की है।
क्राइम ब्रांच ने रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में दबिश देकर जोधपुर, राजस्थान के रहने वाले रामस्वरूप पुत्र शिवनाथराम बिश्नोई निवासी पावटा सिरोई और सागर पुत्र भागीरथ बिश्नोई निवासी पावटा सिरोई को गिरफ्तार किया। दोनों सूरत में फर्जी बैंक खाते खुलवाने के प्रयास में लगे थे। पूछताछ के आधार पर बोटाद, गुजरात निवासी संजय उर्फ गब्बू पुत्र रामजीभाई को भी हिरासत में लिया गया। यह आरोपी सूरत में फर्जी आधार कार्ड से बैंक खाते खोलने में माहिर था।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन और 335 से अधिक टेलीग्राम चैट्स के स्क्रीनशॉट मिले, जिनमें बर्मा से पाकिस्तान शिफ्ट हो रहे चीनी साइबर गिरोह के संदर्भ सामने आए हैं। चैट्स में ‘हेडक्वार्टर शिफ्ट’, ‘USDT बोनस’, और ‘ऑर्डर लिमिट’ जैसी कोडवर्ड का उल्लेख है।
गब्बू संजय ने सिटी यूनियन, पीएनबी और आईसीआईसीआई समेत विभिन्न बैंकों में कुल 193 फर्जी खाते खोले। वहीं, सागर और रामस्वरूप भारत के विभिन्न राज्यों से बैंक किट और सिम कार्ड इकट्ठा कर उन्हें प्रमोद नामक वांटेड आरोपी के माध्यम से गिरोह को उपलब्ध कराते थे। गिरोह 8000 से 10000 रुपये में बैंक किट खरीदता और उन्हें 25000 से 30000 रुपये में आगे बेचता।
गिरोह इन खातों के जरिए फॉरेक्स, गेमिंग एप, हवाला और साइबर ठगी से जमा रकम को क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदलकर डार्क वेब व बिनेंस एप से म्यांमार स्थित चीनी गिरोह को भेज देता था। यह ट्रांजेक्शन टेलीग्राम पर स्क्रीनशॉट्स के साथ शेयर किए जाते थे।

गिरोह का कमीशन मॉडल भी सामने आया, जिसके तहत हर नए खोले खाते पर 7% का भुगतान किया जाता था। इन खातों से जुड़ी जानकारी एनसीसीआरपी पोर्टल से जांची गई, जिसमें 508 साइबर अपराध दर्ज पाए गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ऑनलाइन कंपनियों से ठगी का भी खुलासा किया। लेविस और जैक एंड जोन्स जैसे ब्रांड्स से कपड़े मंगवाकर क्षति दिखाते हुए सोशल मीडिया पर बदनामी की धमकी देकर रिफंड हासिल कर लिया जाता था। कपड़े वापस किए बिना उन्हें बेचकर गिरोह आर्थिक लाभ लेता था। आरोपियों के पास से 2.5 लाख रुपये कीमत के कपड़े भी जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपी:
- रामस्वरूप पुत्र शिवनाथराम बिश्नोई, निवासी पावटा सिरोई, जोधपुर
- सागर पुत्र भागीरथ बिश्नोई, निवासी पावटा सिरोई, जोधपुर
- संजय उर्फ गब्बू पुत्र रामजीभाई, निवासी बोटाद, गुजरात
वांटेड आरोपी:
- प्रमोद बिश्नोई – बैंक किट का मध्यस्थ
- ज्ञान बिश्नोई – पैसे ट्रांसफर और USDT प्रक्रिया में संलिप्त
- श्याम बिश्नोई – गिरोह का संचालनकर्ता
यह रैकेट भारतीय एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए म्यांमार से पाकिस्तान तक अपना ठिकाना बदल रहा था। जांच में सामने आए स्क्रीनशॉट्स और चैट्स को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और भारत में सक्रिय नेटवर्क को लेकर आगे की पूछताछ जारी है।







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