• शराब माफिया का नया पैंतरा: गाड़ी में आगे जिंदा घोड़ा, पीछे शराब का जखीरा
• राजस्थान से गुजरात तक फैला नेटवर्क बेनकाब: 485 बोतलें बरामद, 2 गिरफ्तार
पाटन। गुजरात में शराबबंदी के बावजूद तस्करों की 'डाल-डाल' और पुलिस की 'पात-पात' वाली लड़ाई जारी है। शराब माफिया अब पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए फिल्मी स्टाइल अपना रहे हैं। पाटन में लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने एक ऐसे ही शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने शराब छुपाने के लिए बेजुबान जानवर का इस्तेमाल किया।
आरोपी 'छोटा हाथी' (टेम्पो) में एक जिंदा घोड़ा लेकर घूम रहे थे, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन उस घोड़े के पीछे गाड़ी की बॉडी में एक विशेष 'गुप्त तहखाना' बनाया गया था, जिसमें विदेशी शराब की पेटियां ठूंसी गई थीं।

क्राइम हिस्ट्री: एम्बुलेंस और दूध के टैंकर के बाद अब 'अश्व-शक्ति' का सहारा
गुजरात में शराब तस्करी का इतिहास पुराना है, लेकिन तरीका हर बार नया होता है। अब तक पुलिस ने दूध के टैंकरों, लग्जरी बसों, यहां तक कि एम्बुलेंस और शव वाहनों में भी शराब पकड़ी है। लेकिन, पाटन में पहली बार 'लाइव स्टॉक' यानी जिंदा जानवर (घोड़े) की आड़ में तस्करी का यह अनोखा मामला सामने आया है।
यह दर्शाता है कि राजस्थान से गुजरात बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती बढ़ने के बाद तस्कर अब नए और अजीबोगरीब रास्ते तलाश रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी इस बात की तस्दीक करता है कि यह कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सिंडिकेट है।
क्या है पूरा मामला?
पाटन एलसीबी की टीम शहर में पेट्रोलिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि पाटन जिमखाना से खोडियार चौकड़ी जाने वाले रास्ते पर, अमीर सहीद साहब दरगाह की वाड़ी में एक संदिग्ध 'छोटा हाथी' खड़ा है। सूचना यह थी कि गाड़ी में एक घोड़ा बंधा है और उसके पीछे गुप्त खाने में शराब है।
पुलिस ने जब जांच की तो हक्के-बक्के रह गए:
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब 'छोटा हाथी' की तलाशी ली, तो ऊपर से सब सामान्य लग रहा था। गाड़ी के पीछे के हिस्से (डाले) में एक घोड़ा बंधा हुआ था। लेकिन जब पुलिस ने बारीकी से जांच की, तो घोड़े के पीछे एक प्लाई/चद्दर लगाकर 'सीक्रेट कैविटी' (गुप्त खाना) बनाई गई थी। जैसे ही उसे खोला गया, अंदर से भारतीय बनावट की विदेशी शराब की 485 बोतलें और टिन बरामद हुए।
गिरफ्तारी और बरामदगी:
पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है:
- कैरियर: भील वीराराम मानाराम (निवासी: बाड़मेर, राजस्थान) - जो राजस्थान से माल लेकर आया था।
- रिसीवर: फारूकी मुस्तकीम कयूमुद्दीन (निवासी: पाटन) - जिसने यह माल मंगवाया था।
हालांकि, मुख्य सरगना और माल मंगवाने वाले अन्य दो आरोपी, सद्दाम और आरिफ (दोनों निवासी पाटन) मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
8.25 लाख का मुद्दामाल जब्त:
पुलिस ने रेड के दौरान कुल 8,25,190 रुपये का सामान जब्त किया है:
- विदेशी शराब: कीमत 2,65,190 रुपये
- छोटा हाथी (वाहन): कीमत 5,00,000 रुपये
- एक घोड़ा: कीमत 50,000 रुपये
- दो मोबाइल फोन: कीमत 10,000 रुपये
आदतन अपराधी हैं आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पुराने खिलाड़ी हैं। वीराराम के खिलाफ पहले भी विठ्ठलापुर थाने में मामले दर्ज हैं, जबकि मुस्तकीम और सद्दाम के खिलाफ पाटन सिटी और तालुका पुलिस स्टेशन में पहले से ही शराब तस्करी (प्रोहिबिशन) के कई केस चल रहे हैं। पाटन सिटी 'ए' डिवीजन पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है।







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