करोड़ों का बीमा क्लेम और रबी अनुदान बकाया, नर्मदा नहर के पानी को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने दी आंदोलन की चेतावनी
सांचौर (जालोर)। क्षेत्र के किसानों की लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने से आक्रोशित संयुक्त किसान मोर्चा सांचौर ने मंगलवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर दौलत राम चौधरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
किसानों की मुख्य मांगें और ज्वलंत समस्याएं
ज्ञापन के दौरान किसान नेताओं ने क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया:
- बकाया अनुदान राशि: जिला अध्यक्ष इशरा राम ने बताया कि चितलवाना तहसील के कुछ गांवों में गिरदावरी ऐप नहीं खुलने के कारण रबी 2022 की 88 करोड़ रुपये की आदान अनुदान राशि आज भी बकाया है। इसके साथ ही सांचौर और चितलवाना की खरीफ 2025 की राशि का भुगतान भी अटका हुआ है।
- फसल बीमा क्लेम: मकाराम चौधरी ने आरोप लगाया कि रिलायंस बीमा कंपनी द्वारा वर्ष 2023 और 2024 के खरीफ व रबी सीजन का करोड़ों रुपये का क्लेम किसानों को नहीं दिया गया है।
- नर्मदा नहर का कुप्रबंधन: विरद सिंह चौहान और जगदीश पूनिया ने बताया कि एक तरफ वितरिकाओं में टेल (अंतिम छोर) तक पानी नहीं पहुंचने से फसलें सूख रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भारी मात्रा में पानी लूणी नदी में व्यर्थ बहाया जा रहा है। इससे आस-पास के खेत जलमग्न हो रहे हैं और रास्ते बंद हो गए हैं।
- हेमागुडा अनकमाण्ड क्षेत्र: लादू राम भादू ने जानकारी दी कि हेमागुडा के किसान पिछले 9 वर्षों से अनकमाण्ड क्षेत्र को कमाण्ड से जोड़ने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
प्रशासन को अल्टीमेटम
मोर्चा के पदाधिकारियों ने प्रशासन को अवगत कराया कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित है। इस अवसर पर इशरा राम विश्नोई, मक्का राम चौधरी, विरद सिंह चौहान, जगदीश पूनिया, जोगाराम सुथार, लादू राम भादू और मलाराम गुंदाऊ सहित कई किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



