आजबर के कुलेटी माता मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, 123 मेधावी छात्र-छात्राओं और नव चयनित प्रतिभाओं का हुआ भव्य बहुमान
किसी भी समाज की असली पूँजी उसके संस्कारवान और शिक्षित युवा होते हैं। जब समाज अपनी जड़ों से जुड़कर अपनी प्रतिभाओं की पीठ थपथपाता है, तो प्रगति के नए द्वार खुलते हैं। आजबर के पवित्र कुलेटी माता मंदिर प्रांगण में आयोजित 'काबावत परमार प्रतिभा सम्मान समारोह' ने न केवल मेधावियों के हौसलों को उड़ान दी, बल्कि समाज की एकता और गौरवशाली इतिहास को जीवंत कर दिया।

आजबर/जालौर। श्री कुलेटी माता ट्रस्ट आजबर के तत्वावधान में गुरुवार को काबावत परमार समाज का भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह संपन्न हुआ। पूर्व आईएएस श्री गंगा सिंह परमार के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज की 123 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, जिसमें शैक्षणिक क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं सहित राजकीय सेवा में नव चयनित युवा शामिल रहे।
मुख्य अतिथि का संबोधन: लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठोर मेहनत अनिवार्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री गंगा सिंह परमार ने समाज की एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के उत्थान के लिए करें। उन्होंने कहा, "सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, केवल कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प से ही ऊंचे लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।"

बालिका शिक्षा और संस्कारों पर जोर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं आरएएस अधिकारी सुश्री मोहर कंवर ने वर्तमान दौर में बालिका शिक्षा को अनिवार्य बताते हुए छात्राओं को सोशल मीडिया के सीमित और सकारात्मक उपयोग की सलाह दी। वहीं, श्री क्षत्रिय युवक संघ के संभाग प्रमुख श्री अर्जुन सिंह देलदरी ने पूज्य तन सिंह जी के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं को सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज के गौरवशाली इतिहास को पढ़ने और चरित्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने हेतु प्रेरित किया।
इतिहास और गौरव का संगम कार्यक्रम संयोजक और प्रधानाचार्य श्री राजेंद्र सिंह आकोली ने परमार वंश की उत्पत्ति और उसके गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने मंच संचालन करते हुए समाज के युवाओं को अपनी विरासत को सहेजने की प्रेरणा दी। समारोह के दौरान कक्षा 10वीं, 12वीं और उच्च शिक्षा में विशिष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
भामाशाहों का सहयोग और समाज की उपस्थिति कार्यक्रम के अंत में सभी आगंतुकों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भामाशाह मोड़ सिंह और मान सिंह मालपुरा की ओर से की गई। इस गौरवशाली अवसर पर कुंवर खंगार सिंह, चंद्रवीर सिंह, शेर सिंह, मनोहर सिंह चांदूर, जनक सिंह बूगांव, विक्रम सिंह सिणधरा, अर्जुन सिंह बिबलसर, डूंगर सिंह आकोली, जोग सिंह सरत सहित सैंकड़ों की संख्या में समाज बंधु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।







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