ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज परावा, चितलवाना में हुआ विदाई समारोह,
विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ छात्राध्यापकों का हुआ सम्मान
चितलवाना। ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल कॉलेज, परावा में बी.एड. प्रशिक्षणार्थियों के लिए भावुक पल लेकर आया विदाई समारोह ‘‘यादों की आवाज 2025’’ पूरे गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस उप अधीक्षक सांचौर शरण गोपीनाथ कांबले (IPS), विशिष्ट अतिथि चोलाराम माचरा (आरपीसीबीईओ, धोरीमन्ना), ओम विष्णु शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष हरीश साहु, महाविद्यालय निदेशक डॉ. भागीरथ विश्नोई एवं प्राचार्य डॉ. सुनीता जलवानिया मंचासीन रहे।

नियमित दिनचर्या और नशे से दूरी को बताया सफलता का मूल मंत्र
मुख्य अतिथि (IPS) शरण कांबले ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में प्रशिक्षणार्थियों को नियमित दिनचर्या अपनाने और लक्ष्य के प्रति निष्ठा रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण ही मंजिल तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जब तक विद्यार्थी इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं समझते, तब तक नशे के खिलाफ लड़ाई अधूरी रहेगी। साथ ही सोशल मीडिया के दुरुपयोग, फ्रॉड कॉल्स और लिंक से सतर्क रहने की चेतावनी भी दी।

प्राचार्य ने दिया स्वागत उद्बोधन, अतिथियों ने बांटे अनुभव
प्राचार्य डॉ. सुनीता जलवानिया ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को सकारात्मक वातावरण में रहकर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी कल के शिक्षक हैं, और अच्छे नागरिक बनकर समाज को दिशा दें।
विशिष्ट अतिथि चोलाराम माचरा ने कहा कि जीवन में प्रेरणा स्त्रोत किसी न किसी आदर्श व्यक्ति से मिलती है, और उस पथ पर चलने से सफलता सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन गतिविधियां प्रशिक्षणार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होती हैं।

परंपरा, संस्कृति और स्नेह से भरा विदाई आयोजन
विदाई समारोह में जूनियर विद्यार्थियों ने सीनियर प्रशिक्षणार्थियों का तिलक, मौली व माला पहनाकर स्वागत किया। स्मृति स्वरूप उन्हें पेन भेंट किए गए। इस अवसर पर विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। युगल नृत्य ‘‘नेणा रा लोभी पावणा’’ और ‘‘बरेली वाला झुमका’’, घूमर नृत्य, कविता ‘‘हम तुम्हें भूल नहीं पाएंगे’’ जैसी प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और जीवंत बना दिया।
सीनियर विद्यार्थियों ने मंच पर अपने अनुभव साझा करते हुए कॉलेज जीवन की यादों को साझा किया। प्रशिक्षण के दौरान आए बदलावों और सीखे गए मूल्यों को भी भावभीने शब्दों में प्रस्तुत किया।

रोचक प्रतियोगिताएं और पुरस्कार वितरण
समारोह में छात्राध्यापकों के बीच कई रोचक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
- बिंदी लगाओ प्रतियोगिता में छात्र वर्ग से राजूराम और छात्रा वर्ग से पूजा विजेता रहीं।
- गुब्बारे से गिलास का पिरामिड बनाने की प्रतियोगिता में छात्र वर्ग से ओमप्रकाश और छात्रा वर्ग से कैलाशी ने बाजी मारी।
- सरप्राइज अवॉर्ड्स में ‘सबसे लंबे बाल’ की विजेता कैलाशी, ‘सबसे लंबे झुमके’ की विजेता भाविका कटारा रहीं।
- छात्र वर्ग में ‘पर्स में माता-पिता की फोटो’ रखने के लिए बंशीलाल और ‘जेब में दो पेन’ के लिए रामनिवास विश्नोई को सम्मानित किया गया।
सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा के लिए छात्रा वर्ग में विमला विश्नोई और छात्र वर्ग में ओमप्रकाश को चुना गया।
सर्वाधिक उपस्थिति के लिए बी.एड. द्विवर्षीय पाठ्यक्रम से रामनिवास और चार वर्षीय पाठ्यक्रम से सुगनी को मोमेंटो प्रदान किए गए।
मिस्टर फेयरवेल का खिताब ओमप्रकाश (बी.एड. द्वितीय वर्ष) और मिस फेयरवेल का खिताब कंचन (बी.ए.बी.एड. चतुर्थ वर्ष) को मिला।

समापन में मिला सार्थक संदेश
कार्यक्रम के अंत में निदेशक डॉ. भागीरथ विश्नोई ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि जीवन में कोई भी अच्छा कार्य अगर दिल से किया जाए, तो वह लोगों के बीच प्रेरणा बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षार्थी प्रकाश चौधरी व पायल महेश्वरी ने संयम और उत्साहपूर्वक किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. मधु चौधरी, सुरेश कुमार, लालाराम, नारायण सिंह, राकेश कुमार, भजनलाल, शैतान मोदी, नरेंद्र कुमार, भगाराम, शंकरलाल सहित समस्त विद्यार्थीगण मौजूद रहे।
समारोह का प्रत्येक क्षण न केवल विदाई का भाव लिए था, बल्कि भविष्य की ओर बढ़ते कदमों के लिए प्रोत्साहन और मार्गदर्शन का मंच भी था।







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