एलसीबी ने दबोचा, पिकअप सहित ₹6.35 लाख का माल जब्त; खोड़ा सरहद पर पुलिस की नाकेबंदी में खुली पोल
थराद।
स्थानीय पुलिस थाना क्षेत्र के खोड़ा गांव की सरहद पर लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) वाव-थराद की टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तस्करी के एक अनोखे तरीके का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अनाज के कट्टों की आड़ में छिपाई गई अवैध अंग्रेजी शराब की एक बड़ी खेप बरामद करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुल ₹6.35 लाख से अधिक का माल बरामद किया गया है।
खुफिया सूचना पर घेराबंदी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एलसीबी वाव-थराद का दस्ता थराद थाना इलाके में गश्त पर था। इसी दौरान मुखबिर से एक पुख्ता सूचना मिली कि थराद-डीसा रोड की तरफ से एक संदिग्ध पिकअप डाला गुजरने वाला है, जिसमें अवैध खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा गांव की सरहद पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी। कुछ ही देर में बताए गए हुलिए का एक पिकअप डाला आता दिखाई दिया, जिसे पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रुकवा लिया।

अनाज के कट्टों के नीचे छिपा रखी थी बोतलें
जब पुलिस ने पिकअप डाले की तलाशी ली, तो ऊपर से देखने पर उसमें गेहूं और बाजरे के कट्टे भरे हुए नजर आए। लेकिन जब जवानों ने कट्टों को हटाकर अंदर गहनता से जांच की, तो उनके होश उड़ गए। कट्टों के नीचे भारी मात्रा में भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) छिपाई गई थी। पुलिस ने वाहन से कुल 204 बोतलें अंग्रेजी शराब बरामद की।
जब्त सामान का ब्यौरा
पुलिस ने मौके से शराब सहित तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे तमाम सामान को जब्त कर लिया, जिसका कुल मूल्य ₹6,35,528 आंका गया है:
- अवैध विदेशी शराब (204 बोतलें): ₹1,11,528
- पिकअप डाला (वाहन): ₹5,00,000
- गेहूं और बाजरे के कट्टे (19 नग): ₹19,000
- मोबाइल फोन: ₹5,000
राजस्थान का चालक गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से पिकअप चालक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसकी पहचान दिनेशकुमार भुराराम फोजाराम चौधरी (पटेल) के रूप में हुई है, जो कि छजारा (तहसील सांचौर, जिला जालोर, राजस्थान) का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थराद थाने में प्रोहिबिशन एक्ट (शराब बंदी कानून) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
इस अवैध शराब को मंगवाने वाले मुख्य सरगना और अन्य आरोपियों की संलिप्तता को लेकर पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है। एलसीबी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था।



