नगरीय निकाय चुनावों में बूथ और मतगणना केंद्र पर फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर लगा प्रतिबंध, पास होने के बावजूद नियम तोड़ने पर बाहर किए जाएंगे मीडियाकर्मी
जयपुर (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान ने प्रदेश के नगरीय निकायों के आगामी आम चुनावों को लेकर मीडियाकर्मियों के प्रवेश, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के संबंध में कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा द्वारा जारी इस नए आदेश के तहत चुनाव प्रक्रिया में सुचारू संचालन, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुराने आदेशों को अधिक्रमित करते हुए नई शर्तें लागू की गई हैं।

नए जारी किए गए आदेश के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला जनसंपर्क अधिकारी की अनुशंसा पर ही अधिस्वीकृत पत्रकारों व अन्य मीडियाकर्मियों को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। हालांकि, पास मिल जाने के बाद भी पत्रकारों के लिए नियम काफी सख्त रहने वाले हैं।
ये रहेंगे प्रमुख नियम व शर्तें:
- बूथ के अंदर फोटोग्राफी बैन: प्रवेश पत्रधारी पत्रकार जब मतदान बूथ के अंदर जाएंगे, तो उन्हें किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी करने या मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
- पीठासीन अधिकारी का अधिकार: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 131 के तहत यदि कोई मीडियाकर्मी निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो पीठासीन अधिकारी को उसे मतदान केंद्र से बाहर निकालने का पूरा अधिकार होगा, भले ही उसके पास प्रवेश पत्र क्यों न हो।
- मतगणना के दौरान पाबंदी: मतगणना कक्ष के भीतर कैमरा टीम को वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी या मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं रहेगी।
- मीडिया के लिए पृथक कक्ष: मतगणना केंद्र पर पत्रकारों के लिए एक अलग कक्ष आरक्षित किया जाएगा जहाँ से सभी सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
- बिना कैमरे के वास्तविक अवलोकन: यदि कोई पत्रकार वास्तविक मतगणना का अवलोकन करना चाहता है, तो उसे बिना किसी कैमरे या मोबाइल के मतगणना कक्ष में प्रवेश दिया जा सकता है, ताकि मतों की गोपनीयता बनी रहे।
- सीमित प्रवेश पत्र: एक समाचार पत्र के लिए केवल एक पत्रकार और एक फोटोग्राफर के लिए ही प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा।
- समय-सीमा: मीडियाकर्मियों की अनुशंसा विवरण चुनाव से कम से कम 15 दिन पहले जिला निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंच जानी चाहिए।









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