अन्नदाता की सुनवाई नहीं, अकाल घोषणा और बीमा घोटाले के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान
चितलवाना उपखंड क्षेत्र के मूली गांव में संयुक्त किसान मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक नानजीराम भोपाजी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में 16 सितंबर को चितलवाना उपखंड कार्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। मोर्चा के जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई, मकाराम चौधरी, विरद सिंह चौहान और पूनमा राम बिश्नोई की देखरेख में आयोजित इस बैठक में दर्जनों किसानों ने भाग लिया।
बैठक में वक्ताओं ने किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। मोर्चा के जिला अध्यक्ष ईशराराम बिश्नोई ने कहा कि प्राकृतिक प्रकोप और कम बारिश के कारण खरीफ की फसलें पूरी तरह जल चुकी हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिल रही है। उन्होंने क्षेत्र में विशेष गिरदावरी करवाकर अकाल घोषित करने और किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की। विरद सिंह चौहान ने बताया कि रबी 2022 का अनुदान अभी तक कई गांवों और किसानों को नहीं मिला है।
मकाराम चौधरी और पूनमाराम बिश्नोई ने नर्मदा नहरी तंत्र की खस्ताहाली, बीमा कंपनी द्वारा रोके गए क्लेम, फर्जी बटाईदार घोटाले और कृषि आदानों की बढ़ती कीमतों पर आक्रोश जताया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की पुरजोर मांग की।
ग्राम इकाई की नवीन कार्यकारिणी का हुआ गठन
बैठक के दौरान राजस्थान किसान सभा ग्राम इकाई मूली की नवीन कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसे पूनमाराम बिश्नोई ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
- संरक्षक: नानजीराम भोपाजी
- अध्यक्ष: हनुमान सुथार
- उपाध्यक्ष: गमनाराम और दुर्गपुरी
- सचिव: महिपालसिंह
- कोषाध्यक्ष: भेरुसिंह
- कारायदेकारिणी सदस्य: किशोरसिंह, पूनमाराम खाती, मूलाराम पुरोहित, भंवरलाल सुथार और भेराराम मेघवाल
नवगठित कार्यकारिणी ने 16 सितंबर के चितलवाना धरने में 50 किसानों के साथ भाग लेने की घोषणा की। कार्यक्रम का सफल संचालन मकाराम चौधरी ने किया।
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क की विशेष रिपोर्ट।









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