सिरोही/कैंप: सिरोही। राजस्थान के आगामी बजट 2026-27 को लेकर सिरोही जिले ने अपनी उम्मीदों का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सिरोही दौरे के दौरान जिले की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा गया है। यह मांग पत्र केवल विकास की फाइल नहीं, बल्कि सिरोही के हर नागरिक की उस आकांक्षा का प्रतिबिंब है, जो इस जिले को राज्य के विकसित जिलों की श्रेणी में खड़ा देखना चाहता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: पिण्डवाड़ा से रेवदर तक बड़े सुधार की मांग
जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है:
- पिण्डवाड़ा: उपजिला अस्पताल की स्वीकृति, नया कॉलेज भवन (भामाशाह निर्मल कुमार जैन द्वारा भूमि/भवन का प्रस्ताव) और अजारी में संस्कृत रेजिडेंसी स्कूल की स्थापना।
- रेवदर व आबूरोड: राजगढ़ में आयुष्मान CHC भवन का निर्माण और आबूरोड उपजिला अस्पताल में स्टाफ की नियुक्ति।
- रिक्त पद: रेवदर, कालन्द्री, कैलाशनगर और पिण्डवाड़ा कॉलेजों में स्थाई प्रिंसिपल और व्याख्याताओं के खाली पदों को भरने की मांग।
- हायर एजुकेशन: जिला मुख्यालय पर MBA कॉलेज शुरू करने का प्रस्ताव।
पर्यटन और आस्था: अजारी से माउंट आबू तक मास्टरप्लान
सिरोही की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को सहेजने के लिए बड़े निवेश की दरकार है:
- अजारी धाम: अजारी में 'मोर उद्यान' का निर्माण, सरस्वती धाम को फोरलेन से जोड़ना और इसका मास्टरप्लान तैयार करना।
- बसंतगढ़: प्राचीन किले को 'वन पर्यटन क्षेत्र' के रूप में विकसित करना।
- धार्मिक स्थल: रामझरोखा मंदिर में 5 करोड़ की लागत से विकास कार्य और धर्मशाला निर्माण।
- वन्यजीव: भटाना (रेवदर) में भालू अभयारण्य को मंजूरी देना ताकि भालू सुरक्षित रह सकें और शहरी क्षेत्रों में न आएं।
- माउंट आबू: सालगांव बांध परियोजना की शुरुआत और बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों का बिछेगा जाल
यातायात को सुगम बनाने और दुर्घटनाएं रोकने के लिए ये प्रस्ताव रखे गए हैं:
- सिरोही-जालोर मार्ग और स्वरूपगंज-कालन्द्री-वेलांगरी मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित करने की अनुशंसा।
- सारणेश्वर जी से आम्बेश्वर जी और मेडिकल कॉलेज तक बायपास सड़क का निर्माण।
- पिण्डवाड़ा और रेवदर में आधुनिक रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण।
- गुलाबगंज से माउंट आबू सड़क मार्ग का समयबद्ध निर्माण।
- आबूरोड में बहुप्रतीक्षित हवाई सेवा की शुरुआत।
प्रशासनिक और शहरी विकास
- कालन्द्री: उप-तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा।
- मिनी सचिवालय: भूमि स्वामित्व विवाद को सुलझाकर सिरोही में मिनी सचिवालय का काम शुरू करना।
- नगर परिषद: स्थाई आयुक्त की नियुक्ति और आवंटित भूमि पर नई सब्जी मंडी व पार्किंग का निर्माण।
- पेयजल: जवाई बांध परियोजना के लिए पर्याप्त बजट आवंटन।
विवेचना: जागरूक सिरोही बनाम शांत जालोर
विकास की इस दौड़ में सिरोही जिला अपनी सजगता और एकजुटता के कारण चर्चा में है। मुख्यमंत्री के सामने रखी गई यह 30 सूत्रीय मांग सूची इस बात का प्रमाण है कि सिरोही का नेतृत्व और जनता अपने हक के लिए संगठित है। रोचक बात यह है कि पड़ोसी जिला जालोर, जो भौगोलिक और राजनीतिक रूप से सिरोही के समान ही महत्व रखता है, वहां से अब तक ऐसी कोई सुव्यवस्थित या बड़ी मांग सूची सामने नहीं आई है।
यह अंतर 'जन-जागरूकता' का है। जहां सिरोही ने भामाशाहों और स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से विकास का खाका तैयार कर लिया है, वहीं जालोर में इस तरह के संगठित प्रयासों की कमी खलती है। सिरोही की यह सक्रियता न केवल बजट में अधिक हिस्सा दिला सकती है, बल्कि प्रशासन को भी जवाबदेह बनाती है।
अब गेंद सरकार के पाले में
वरिष्ठ पत्रकार महावीर जैन द्वारा प्रस्तुत यह मांग पत्र सिरोही के सर्वांगीण विकास की चाबी है। अगर बजट 2026-27 में इन मांगों पर मुहर लगती है, तो न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि सिरोही जिला पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान का नया केंद्र बनकर उभरेगा। अब देखना यह है कि भजनलाल शर्मा की सरकार इस 'पहाड़ी जिले' की पुकार को कितनी प्राथमिकता देती है।







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