पातालेश्वर महादेव के दर्शन कर देश में सुख-समृद्धि की कामना की; धानोल में चरण पादुका पूजन, मीडिया से बातचीत में गौमाता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की उठाई मांग
रानीवाड़ा/सांचौर/सिरोही। अनंत श्रीविभूषित पश्चिमाम्नाय सामवेदीय द्वारका शारदापीठाधीश्वर परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वतीजी महाराज के आगमन से पूरे क्षेत्र में धर्म और भक्ति की अविरल धारा बह निकली है। सिरोही जिले के केसुआ (रेवदर) स्थित प्रसिद्ध अभिनव ब्रजमंडल 'श्री मनोरमा गोलोक तीर्थ' नन्दगांव में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 'सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना महोत्सव' में सम्मिलित होने जा रहे जगद्गुरु का सांचौर, सेवाड़ा, रानीवाड़ा और धानोल में श्रद्धालुओं, गौसेवकों एवं सनातन धर्मप्रेमी ग्रामीणों ने अविस्मरणीय और आत्मीय स्वागत किया।
पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों और जयघोष से गूंजा क्षेत्र
सांचौर से नन्दगांव की ओर प्रस्थान के दौरान सेवाड़ा स्थित पातालेश्वर गौशाला पहुंचने पर ग्रामीणों ने जगद्गुरु पर पुष्पवर्षा कर और 'जय श्री राम' व 'हर-हर महादेव' के जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। इस दौरान पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने प्राचीन पातालेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं धर्म रक्षा की प्रार्थना की।

इसके पश्चात जगद्गुरु रानीवाड़ा नगर पहुंचे, जहां सड़कों के दोनों ओर खड़े सनातन धर्मप्रेमियों ने भावभीना सत्कार किया। रानीवाड़ा से धानोल गौशाला पहुंचने पर गौसेवकों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप, गगनभेदी जयकारों और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया।
चरण पादुका पूजन और मीडिया से संवाद
धानोल में जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज प्रसिद्ध गौभक्त नरेंद्र राजपुरोहित के निवास स्थान पहुंचे। वहां राजपुरोहित परिवार एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूर्ण विधि-विधान व श्रद्धाभाव के साथ शंकराचार्य जी की पावन चरण पादुकाओं का पूजन कर आशीर्वाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वतीजी महाराज ने मीडियाकर्मियों से औपचारिक बातचीत की। समसामयिक और धार्मिक मुद्दों पर निर्भीकता से विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने गौमाता को अविलंब 'राष्ट्रीय माता' का दर्जा देने की जोरदार वकालत की। साथ ही अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी से जुड़े चर्चित विषयों एवं सनातन धर्म के संरक्षण पर पत्रकारों के तीखे प्रश्नों के सारगर्भित और आध्यात्मिक उत्तर दिए।
📌 विशेष: सिरोही के नन्दगांव में सजेगा दिव्य आध्यात्मिक कुंभ
गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराजश्री की पावन सत्प्रेरणा से सिरोही जिले के रेवदर स्थित मनोरमा गोलोक तीर्थ नन्दगांव में सहस्त्रों गौमाताओं के पावन सानिध्य में 'सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना' का भव्य आयोजन होने जा रहा है।
चातुर्मास की मुख्य विशेषताएं व धार्मिक अनुष्ठान:
- पावन सानिध्य: द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वतीजी महाराज।
- कथा व प्रवचन: चातुर्मास की इस पावन अवधि में देश के पूज्य संतों एवं मनीषियों द्वारा:
- श्रीमद्भागवत कथा
- श्रीराम कथा
- नानी बाई का मायरा
- श्री शिवमहापुराण कथा
- हरिहर भक्तमाल एवं गोभक्तमाल कथा का रसपान कराया जाएगा।
- स्थान: अभिनव ब्रजमंडल मनोरमा गोलोक तीर्थ, नन्दगांव, केसुआ, तहसील-रेवदर, जिला-सिरोही (राजस्थान)।







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